एसडीओ भारती, का कार्यकाल न केवल अपने प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के लिए, बल्कि जनसेवा और विकास कार्यों में उनकी असाधारण प्रतिबद्धता के लिए भी याद किया जाएगा।

उत्तम सेनगुप्ता, बिरौल दरभंगा

सरकारी सेवा में पदस्थापना, पदोन्नति और तबादला एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन कुछ अधिकारी अपने कार्यकाल में ऐसी छाप छोड़ जाते हैं कि उनका नाम लोगों की जुबान पर चढ़ जाता है। अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल, उमेश कुमार भारती, का कार्यकाल बिरौल ही नहीं, बल्कि पूरे दरभंगा जिला में इसी तरह यादगार बन गया है।
बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी बिरौल, उमेश कुमार भारती, का कार्यकाल न केवल अपने प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के लिए, बल्कि जनसेवा और विकास कार्यों में उनकी असाधारण प्रतिबद्धता के लिए भी याद किया जाएगा। अनुमंडल क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्य और जन-जन से उनका सीधा जुड़ाव उन्हें एक लोकप्रिय और सम्मानित अधिकारी के रूप में स्थापित करता है। हालांकि सुपौल बाजार वासियों को जाम की समस्या को दूर करने में नगर पंचायत के कार्यपालक अधिकारी और स्थानीय थाना पुलिस इनके आदेश को नजरंदाज किया और जाम की समस्या से लोगों को निजात नहीं मिल पाया।

इसको छोड़ श्री भारती ने बिरौल में अपने कार्यकाल के दौरान लोकसभा चुनाव शांति पूर्ण तरीके से संपन्न कराने जैसे कई ऐसे कार्य किए, जिन्होंने स्थानीय लोगों के जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित किया। उन्होंने सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। भूमि विवादों के त्वरित निपटारे, जन शिकायतों के निवारण और आम जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने में उनकी कुशलता बेजोड़ थी।

उनके कार्यालय के द्वार हमेशा आम लोगों के लिए खुले रहते थे, जिससे जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा। विकास के मोर्चे पर भी श्री भारती का योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के विकास के लिए अथक प्रयास किए। सड़कों के निर्माण और मरम्मत, बिजली आपूर्ति में सुधार और शिक्षा संस्थानों के उन्नयन में उन्होंने व्यक्तिगत रुचि ली।

उनके प्रयासों से कई लंबित परियोजनाएं पूरी हुईं, जिससे क्षेत्र की तस्वीर बदलने में मदद मिली। उमेश कुमार भारती की पहचान एक संवेदनशील और जनोन्मुखी अधिकारी के रूप में रही है। वे केवल नियमों और कानूनों के दायरे में बंधे नहीं रहते थे, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से समस्याओं को समझते और उनका समाधान निकालते थे। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का पर्यवेक्षण किया और प्रभावितों को हर संभव सहायता सुनिश्चित की।


एसडीओ उमेश कुमार भारती ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न पर्व-त्योहारों, जैसे कि होली, दुर्गा पूजा, रामनवमी, सरस्वती पूजा, ईद, बकरीद और मोहर्रम के अवसर पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने में एसडीपीओ मनीष चन्द्र चौधरी के साथ मिलकर अनुकरणीय संवेदनशीलता का प्रदर्शन किया है। अनुमंडल के दोनों वरीय अधिकारियों की दूरदर्शिता और सक्रियता के कारण इन संवेदनशील अवसरों पर क्षेत्र में शांति और सद्भाव बनाए रखने में बिरौल प्रशासन को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एसडीओ श्री भारती ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। वे त्योहारों से पहले संबंधित समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित करते रहे हैं, जिसमें आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने पर जोर दिया जाता था। इन बैठकों में उनकी उपस्थिति और लोगों से सीधा संवाद उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता रहा। उनकी कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें केवल कुशेश्वरस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे अनुमंडल में अपार सम्मान और लोकप्रियता दिलाई है। वे एक ऐसे अधिकारी के रूप में जाने जाते रहेंगे, जिन्होंने सरकारी सेवा को मात्र एक नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाया।
उनके तबादले की खबर से क्षेत्र की जनता में मायूसी है, लेकिन उनके द्वारा स्थापित किए गए उच्च मानदंड और किए गए कार्य सदैव याद रखे जाएंगे।