कटिहार से मनिहारी गंगा घाट होते हुए झारखंड के साहेबगंज की यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत लाने वाला गौशाला रेलवे फाटक पर बन रहा करोड़ों रुपये का फ्लाईओवर अब खुद ही एक बड़ी मुसीबत बन गया है!
कटिहार से मनिहारी गंगा घाट होते हुए झारखंड के साहेबगंज की यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत लाने वाला गौशाला रेलवे फाटक पर बन रहा करोड़ों रुपये का फ्लाईओवर अब खुद ही एक बड़ी मुसीबत बन गया है! साल 2021 में शुरू हुआ यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, जिसे 2024 तक पूरा होना था, अब स्थानीय स्तर पर दो ठेकेदारों भाइयों के आपसी विवाद के कारण ठप पड़ा है। यह फ्लाईओवर, जो कभी यातायात जाम से मुक्ति दिलाने वाला था, अब खुद जाम और परेशानी का सबब बन गया है।
200 करोड़ का प्रोजेक्ट, ठप पड़ा काम
एनएचएआई (NHAI) द्वारा करोड़ों की लागत से बनाए जा रहे इस फ्लाईओवर का उद्देश्य कटिहार और मनिहारी के रास्ते झारखंड जाने वाले यात्रियों को गौशाला रेलवे फाटक पर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाना था। 2021 में शुरू हुआ यह निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था और 2024 तक इसके पूरा होने की उम्मीद थी। लेकिन, स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, दो भाइयों के बीच ठेकेदारी को लेकर हुए विवाद के कारण काम पूरी तरह से ठप पड़ा है।
आम जनता बेहाल, वाहनों का आवागमन मुश्किल
फ्लाईओवर का निर्माण कार्य रुकने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उन्हें न केवल अधूरे पड़े प्रोजेक्ट के कारण परेशानी हो रही है, बल्कि वाहनों के आवागमन में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गौशाला रेलवे फाटक पर रोजाना लगने वाला जाम अब और भी गंभीर हो गया है, जिससे यात्रियों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
डीएम से हस्तक्षेप की मांग
परेशान स्थानीय लोगों ने अब कटिहार के जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल ध्यान देने और ठप पड़े काम को फिर से शुरू करवाने की अपील की है। उनका कहना है कि यह फ्लाईओवर उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान था, लेकिन अब यह खुद एक नई समस्या बन गया है। इस मामले में एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन को मिलकर जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि आम जनता को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।
