सुपौल के त्रिवेणीगंज अंचल में जाति प्रमाण-पत्र को लेकर बड़े फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है। एक ही व्यक्ति द्वारा दो अलग-अलग जातियों का प्रमाण-पत्र लेने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यह मामला उस वक्त सामने आया जब जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सुपौल के पत्रांक-139, दिनांक 10.05.2025 के आधार पर जांच की गई।
आरोपित मो. पप्पू पर आरोप है कि उसने पहले वर्ष 2023 में खुद को ‘मुकेरी’ जाति (जो कि पिछड़ा वर्ग में आती है) का प्रमाण-पत्र बनवाया, जिसका प्रमाण-पत्र संख्या BCCCO/2023/26427 है। इसके बाद वर्ष 2022 में उसने ही ‘पेठान’ (गैर आरक्षित वर्ग) के नाम से एक और जाति प्रमाण-पत्र संख्या BCCCO/2022/193669 के तहत बनवा लिया था। इस दोहरे प्रमाण-पत्र और दो अलग जातीय पहचान को प्रशासन ने गंभीर साजिश मानते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
आरोपी को नोटिस जारी, प्राथमिकी होगी दर्ज
त्रिवेणीगंज अंचल कार्यालय ने इस मामले में मो. पप्पू को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर खतियान और अन्य मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। त्रिवेणीगंज के सीओ प्रियंका सिंह ने बताया कि एक ही व्यक्ति द्वारा दो समुदाय के जाति प्रमाण-पत्र बनवाना कानूनन अपराध है और यह लोक सेवा अधिकार अधिनियम का भी उल्लंघन है। यदि आरोपित निर्धारित समयसीमा में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहते हैं तो उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
उच्च अधिकारियों की निगरानी में है मामला
प्रशासन ने इसे न केवल कागजात में धोखाधड़ी बल्कि सरकार को गुमराह करने की सोची-समझी कोशिश करार दिया है। यह मामला अब उच्च अधिकारियों की निगरानी में है और जल्द ही सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। जातिगत प्रमाण-पत्रों के इस प्रकार के दुरुपयोग ने शासन-प्रशासन को सतर्क कर दिया है, और भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी पर नजर रखने की प्रक्रिया को और अधिक कठोर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
