एनएच-27 पर नवनिर्मित फ़्लाईओवर पर पर्याप्त रोशनी रहे, इसके लिए दर्जनभर स्ट्रीट लाइट लगाए गए हैं। शाम के बाद से रातभर लाइट जलती रहे इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दो-दो जेनरेटर भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद एनएचएआई द्वारा तैनात मेंटेनेंस कर्मियों की लापरवाही के कारण फ़्लाईओवर पर शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है।
स्थानीय लोगों के अकहना है कि देर शाम लाइट जलाई जाती है और रात करीब एक बजे के आसपास लाइट बंड हो जाती है, जबकि पूर्वोत्तर के राज्यों में जाने का मुख्य सड़क होने के कारण रातभर इस फ्लाईओवर से बस, ट्रक और गाड़ियों का आवागमन होता रहता है। अंधेरा रहने के कारण अगर चालकों को धोखा हुआ तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। करीब दो माह पहले फ्लाईओवर से उतरते वक्त एक बाइक साइड की रेलिंग से टकराते हुए अनियंत्रित होकर ट्रक में जा घुसी थी, जिसमें दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
फ़्लाईओवर पर रात को रोशनी के लिए एनएचएआई ने दर्जनभर हेलोजन लाइट लगाई है।इसके लिए बिजली विभाग के द्वारा अलग से ट्रांसफॉर्मर भी इंस्टाल किया गया है और जेनरेटर भी है। इसके बावजूद तैनात कर्मी के द्वारा लापरवाही बरतना दुर्घटना को आमंत्रण देने जैसा है। स्थानीय लोगों ने भी शिकायत भी की है कि फ्लाईओवर पर रात भर लाइट नहीं जलती है और प्रायः एक बजे रात के बाद लाइन काट दी जाती है। एकमंगलवार रात को भी फ्लाईओवर पर लाइट नहीं जल रही थी।
मेंटेनेंस कर्मी का कहना है कि उस दौरान बिजली आपूर्ति बाधित थी, जबकि बिजली विभाग का दावा है शाम से बिजली की आपूर्ति अनवरत जारी थी। कहीं से बिजली बाधित होने की शिकायत भी दर्ज नहीं है। जब कर्मी से पूछा गया कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए दो-दो जेनरेटर भी हैं तो उनका जवाब था कि जेनरेटर खराब है। विभाग को रिपोर्ट किया गया है। विभाग से मेकेनिक आएगा तभी ठीक होगा। जेनरेटर खराब की जानकारी नहीं
पुर्णिया एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक कुमार सौरभ ने इस संबन्ध में कहा कि जेनरेटर खराब है, इसकीं जानकारी नहीं है। तैनात कर्मियों से इस बाबत पूछताछ की जाएगी।
