प्राथमिक विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक के विरुद्ध ्शि्क्षा विभाग की सुस्त कारवाई से अधिकारी के कार्यशैली पर उठ रहे सवाल।
प्राथमिक विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक के विरुद्ध ्शि्क्षा विभाग की सुस्त कारवाई से अधिकारी के कार्यशैली पर उठ रहे सवाल।
प्राथमिक विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक के विरुद्ध ्शि्क्षा विभाग की सुस्त कारवाई से अधिकारी के कार्यशैली पर उठ रहे सवाल।
दस्तक7मिडिया, दरभंगा।
प्राथमिक विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक के विरुद्ध शिक्षा विभाग की सुस्त कारवाई से अधिकारी के कार्यशैली पर उठ रहे सवाल। जी हां यह मामला दरभंगा जिला के बिरौल अनुमंडल अंतर्गत गौडाबौराम प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बंगरहट्टा उर्दू का है। जहां पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक मो.बदरे आलम कासमी कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। उन पर मारपीट का आरोप है, जिसके संबंध में घनश्यामपुर थाना में प्राथमिकी संख्या 121/2025 दर्ज की गई है। इस मामले में पुलिस ने उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए विशिष्ट शिक्षक मो. बदरे आलम कासमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि नियमानुसार, संशोधित विशिष्ट शिक्षक नियमावली की कंडिका 11.2 एवं 11.3 स्पष्ट रूप से कहती है कि यदि कोई भी विशिष्ट शिक्षक 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक या पुलिस हिरासत में रहता है अथवा बिना सूचना के लंबी अवधि तक विद्यालय से अनुपस्थित रहता है, तो उसे निलंबित माना जाएगा। इस स्थिति में, अनुशासनिक प्राधिकार को आवश्यक निलंबन आदेश जारी करना होता है।हालांकि, इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई अभी तक देखने को नहीं मिली है। जबकि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी गौडाबौराम, आशानंद हाजरा ने इस घटना की सूचना अपने पत्रांक-226, दिनांक-28.04.2025 के माध्यम से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ स्थापना) को भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। इसके बावजूद, विभाग की ओर से कोई त्वरित कदम नहीं उठाया गया है, जिंससे क्षेत्र में विभागीय डीपीओ स्थापना के कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों की मानें तो विभाग इस मामले में नरम रुख अपना रहा है, जिसके चलते निलंबन की कार्रवाई में देरी हो रही है। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि विद्यालय के शैक्षणिक माहौल और छात्रों के हित के लिए भी ठीक नहीं है। एक शिक्षक के जेल जाने के बाद भी यदि विभाग सक्रियता नहीं दिखाता है, तो इससे अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच भी गलत संदेश जा सकता है। इधर गौड़ बौराम प्रखंड बीस सूत्री उपाध्यक्ष सुरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि बीईईओ की ओर से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को उक्त शिक्षक से संबंधित पत्र लिखा जा चुका है। उपाध्यक्ष श्री गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना से पूछा जा रहा है। अब देखना यह है कि जिला शिक्षा विभाग इस मामले पर कब संज्ञान लेता है और नियमों के अनुसार विशिष्ट शिक्षक मो० बदरे आलम कासमी के निलंबन की कार्रवाई कब तक पूरी की जाती है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा भेजी गई सूचना के बाद भी कार्रवाई में हो रही देरी कई सवाल खड़े करती है।