लाभार्थी की राशि दूसरे के खाते में पहुंची, आधार की हुई गलत एंट्री, सरपंच को नोटिस।
मामले की जानकारी देते बीडीपीओ अशोक छिक्कारा।
करनाल जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। योजना के असली लाभार्थी को मिलने वाली पहली किस्त की राशि गलती से किसी और के खाते में ट्रांसफर हो गई। मामला तब सामने आया जब लाभार्थी ने संबंधित विभाग में शिकायत की और अधिकारियों ने जांच शुरू की।
विभाग की जांच पड़ताल में सामने आया कि पोर्टल पर आधार कार्ड की एंट्री में गलती हुई थी। जिसके कारण यह गड़बड़ी हुई। फिलहाल मामले की जांच चल रही है और संबंधित बैंक खाते को फ्रीज कर दिया गया है।
योजना के तहत वर्ष 2019 में किया था आवेदन गांव बल्हेड़ा निवासी दिलशान पुत्र शरीफ ने वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवेदन किया था। योजना की शर्तों के मुताबिक दिलशान के कच्चे मकान की फोटोग्राफी की गई और इसे पोर्टल पर अपलोड किया गया। करीब 6 वर्षों के इंतजार के बाद उसका आवेदन स्वीकृत हुआ। सरकार की तरफ से मकान निर्माण के लिए 38 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई। लेकिन यह राशि दिलशान के बैंक खाते में नहीं पहुंची।
खाता जांचने पर सामने आया मामला जब दिलशान को किस्त न मिलने पर संदेह हुआ, तो उसने विभाग में शिकायत दर्ज करवाई। मामले की जांच हुई तो सामने आया कि योजना की किस्त बल्हेडा गांव की ही एक महिला दिलशाना पत्नी शरीफ के खाते में ट्रांसफर हो गई है।
पोर्टल पर लाभार्थी का नाम तो दिलशान था, लेकिन आधार नंबर गलती से दिलशाना का अपडेट हो गया था। आधार से जुड़ा बैंक खाता दिलशाना का होने के कारण मकान के लिए जारी राशि उसी के खाते में चली गई।
दूसरे के खाते में गई प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त।
दूसरे के खाते में गई प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त।
सरपंच प्रतिनिधि ने मानी गलती, बताया– नोटिस मिल चुका है गांव के सरपंच सागर के पिता एवं प्रतिनिधि सुक्रमपाल ने भी इस गड़बड़ी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह गलती आधार की एंट्री में हुई है और किस्त की राशि गलत खाते में चली गई थी। उन्होंने बताया कि बीडीपीओ ऑफिस को इस बारे में पहले ही जानकारी दे दी गई थी, जिसके बाद विभाग की तरफ से ग्राम सरपंच को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि जिसकी राशि है, उसे ही मिलेगी।
बैंक खाता फ्रीज, जांच शुरू घरौंडा के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) अशोक छिक्कारा ने बताया कि दिलशान की शिकायत के बाद जांच की गई। जिसमें पाया गया कि पोर्टल पर आधार नंबर अपडेट करने में गलती हुई है। उन्होंने बताया कि दिलशाना का बैंक खाता फिलहाल फ्रीज कर दिया गया है, जिससे राशि की निकासी न हो सके। सरपंच को कारण बताओ नोटिस भेज दिया गया है और विभागीय जांच जारी है।
दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी बीडीपीओ अशोक छिक्कारा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में यह सामने आता है कि यह गलती जानबूझकर की गई और किसी को लाभ पहुंचाने की साजिश रची गई, तो उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की कोई लापरवाही न हो।
