डुमरा में कार्यक्रम आयोजित कर डेंगू जागरूकता प्रतियोगिता में स्वास्थ्य को लेकर पूछे गए सवाल
डुमरा स्थित एएनएम ट्रेनिंग स्कूल में राष्ट्रीय डेंगू दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को सम्मानित करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रवीन्द्र कुमार यादव ने विजयी प्रतिभागियों को शील्ड और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। डॉ. यादव ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का प्रेरक माध्यम बताया। कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग स्कूल की छात्राओं ने पोस्टर पेंटिंग और अभिभाषण प्रतियोगिता में भाग लिया। इस वर्ष की थीम देखें, साफ करें, ढकें, डेंगू से बचाव करें पर आधारित पोस्टर में डेंगू से बचाव के उपायों को चित्रात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया।
पोस्टर प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन टीमों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार स्वरूप शील्ड प्रदान की गई, जबकि भाषण में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली पांच छात्राओं को मेडल देकर सम्मानित किया गया। मौके पर डॉ. रवीन्द्र कुमार यादव ने छात्राओं व उपस्थितजनों को डेंगू और चिकनगुनिया के कारण, लक्षण, रोकथाम, जांच और उपचार के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि डेंगू एक वायरस जनित बीमारी है, जो एडिस इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में पनपता है। बचाव के उपायों में उन्होंने घर के आसपास जल जमाव न होने देना, पुराने टायर, टूटे बर्तन हटाना, तथा कूलर, गमले और फ्रिज ट्रे के पानी को नियमित रूप से बदलना अनिवार्य बताया।
उन्होंने कहा कि पानी के बर्तनों को ढककर रखना चाहिए और दिन में भी मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। डॉ. यादव ने बताया कि डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, बदन दर्द, चकत्ते आदि शामिल हैं। एस्प्रीन या ब्रूफेन का प्रयोग खतरनाक हो सकता है, इसलिए केवल पैरासिटामोल का उपयोग करना चाहिए। साथ ही मरीज को अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि हर बुखार डेंगू नहीं होता, लेकिन समय पर इलाज और सतर्कता से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
