हिमाचल प्रदेश से आयी पुलिस ने किसके आदेश पर देर रात लहेरियासराय /बेता क्षेत्र में की छापेमारी ?मुहल्ले के लोंगों में फिलहाल चर्चा यही कि रूम से हिरासत में लिये गये लोंगों के पास थे अवैध हथियार ,पैसे और सोने।क्या हिमाचल पुलिस ने देर रात कर ली सौदेबाजी,वरना एक बजे रात में रास्ते पर दो लोंगों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ना सवाल तों खड़ा करता हें।

दस्तक 7मीडिया ,संजय कुमार राय 

लहेरियासराय /बेता थाना क्षेत्र के हॉस्पिटल रोड स्थित एक मकान में हुई पुलिस की छापेमारी के मामले में जो तथ्य उभरकर सामने आ रहें हें ,ऐसा लगता हें कि यह पूरा तथ्य विवादास्पद हें ,और स्थानीय पुलिस कुछ भी बताने में असहज महसूस कर रही हें।स्थानीय पुलिस को इस मामले में जांच कर पूरे मामले से पर्दा हटाना चाहिये लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धर बैठी हुई हें।

इस मामले में सूत्रों का कहना हें कि हिमाचल प्रदेश से आयी पुलिस ने विशनपुर थाना के सहयोग से डीएमसीएच में कार्यरत चमन कुमार उर्फ शिवम श्रीवास्तव के घर के रूम में छापेमारी की, उक्त रूम में किराए पर ठहरे लोंगों से पूछताछ की गई एवं  उसके सामानों की तालाशी ली गई।पुलिस सूत्र बताते हें छापेमारी के क्रम में घर में मौजूद बैग से कोई सामान बरामद नहीं हुआ।लेकिन पुलिस उस रूम में ठहरे एक महिला ,तीन पुरुष एवं दो बच्चे को अपने साथ ले गई।मुहल्लेवासियों के अनुसार पुलिस की छापेमारी साढ़े दस बजे रात में हुई थी और रूम में दो घंटे तक पुलिस इन सभी से पूछताछ भी की थी और वेग, ट्रॉली समेत रूम में ठहरे सभी को अपने साथ लेकर चली गई।पुलिस सूत्रों का कहना हें कि इन्हीं लोंगों के निशानदेही पर विशनपुर थाना क्षेत्र में एक चोर को सोना समेत अन्य सामानों के साथ शनिवार को ही गिरफ्तारी की गई  मतलब शिमला के एक व्यवसायी के घर से हुई चोरी के मामले में चोरी का समान हिमाचल पुलिस ने बरामद किया।

चर्चा हें कि हिमाचल की पुलिस ने करीब डेढ़ बजे  रात में ही पकड़े गये दो लोंगों को रास्ते में ही पीआरबॉन्ड पर छोड़ दिया और महिला समेत दो छोटे बच्चे को थाना से छोड़ा गया।ऐसे में सवाल हें जब पुलिस को देर रात हिरासत में लिये लोंगों को छोड़ना ही था तों पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यूँ किया था।

जबकि जिस मुहल्ले में छापेमारी हुई ,वहां रहने वाले लोंगों में अब भी यही चर्चा हें कि किराए वाले रूम से एक महिला तीन पुरुष और दो छोटे बच्चों को पुलिस हिरासत में लेकर गई थी उसके पास हथियारो के साथ रुपये और और सोने के बिस्किट थे।

अब सवाल यही हें कि अगर हिमाचल प्रदेश की पुलिस चोरों को पकड़ने दरभंगा आयी थी तों इसकी सूचना क्या वरीय पुलिस अधीक्षक को दी गई थी ?

वरीय पुलिस अधीक्षक ने डीजीपी द्वारा पूछे जाने पर कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं हें।

फिर सवाल यही हें कि हिमाचल पुलिस अगर विशनपुर पुलिस के साथ छापेमारी करने देर रात बेता स्थित हॉस्पिटल रोड में आयी और देर रात छापेमारी की तों किसके कहने पर यह छापेमारी हुई?

अगर हिमाचल पुलिस देर रात ही छापेमारी की तों हिरासत में लिये गये दो पुरुष को कैसे रास्ते में ही पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया ?कहीं ऐसा तों नहीं कि इस मामले में डील हो गई और दोनों को रास्ते में छोड़ दिया क्यूंकि चर्चा हें कि हथियार के अलावे एक बैग में पैसे और सोने थे।

सवाल तों यह भी हें कि विशनपुर थाने की पुलिस ने हिमाचल से आयी पुलिस को लेकर वरीय पदाधिकारी को सूचना क्यूँ नहीं दी ,यह भी बड़ी लापरवाही हें।कई ऐसे सवाल हें जो दरभंगा पुलिस को जवाब देने की जरूरत हें लेकिन इस मामले से पर्दा तब हटेगा जब पुलिस जांच करने घटना स्थल पर जाएगी और सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी ,क्यूंकि इस छापेमारी की जानकारी लहेरियासराय /बेता पुलिस को भी नहीं दी गई ,नहीं तों इन थानों की पुलिस भी छापेमारी में रहती,क्यूंकि यह क्षेत्र इसी दोनों थाने में एक का हें।

विशनपुर थानाध्यक्ष ने कहा कि वे छुट्टी पर थे और उन्हें इस बात की फिलहाल जानकारी नहीं हें।लहेरियासराय थानाध्यक्ष ने भी कहा यह मामला उनके जानकारी में नहीं हें।