अमर शहीद खुदीराम बोस की बलिदान दिवस पर अधिवक्ताओं ने किया नमन।
अमर शहीद खुदीराम बोस की बलिदान दिवस पर अधिवक्ताओं ने किया नमन।
विधि संवाददाता :दरभंगा
अधिवक्ता संघ भवन में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने अमर शहीद खुदीराम बोस की बलिदान दिवस पर नमन समारोह आयोजित किया। अधिवक्ता राजीव रंजन ठाकुर और अधिवक्ता रमणजी चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में अमर शहीद को याद किया गया। शहीद के तैल चित्र पर पुष्पांजलि किया गया।इस मौके पर अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने श्रद्धासुमन निवेदित करते हुए कहा कि महज 18 वर्ष 8 महिना 8 दिन के अव्यस्क क्रांतिकारी खुदीराम बोस को फांसी दे दी गई। शहीद के फांसी की खबर सुनकर अखंड ब्रिटिश इंडिया में क्रांति की लहर दौड़ गई। मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए बलिदानियों का हुजूम उमड़ पड़ा। सम्पूर्ण देश की युवाओं में करो या मरो की भावना जग गई। अधिवक्ता संघ का संयुक्त सचिव शिवशंकर झा ने कहा कि वैनी पूसा रोड स्टेशन से खुदीराम बोस की गिरफ्तारी की गई। उनपर मुकदमा चलाया गया। महज 8 दिन में ट्रायल पूरी कर मुजफ्फरपुर जिला अदालत से फांसी की सजा सुनाई गई। सजा के बिरुद्ध अपील को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। वहीं शहीद खुदीराम बोस को 11 अगस्त 1908 को मुजफ्फरपुर जेल में फांसी दे दी गई। नमन समारोह में शामिल चंद्र प्रकाश सिंहा, रामवृक्ष सहनी, जयप्रकाश मिश्र, अनिल कुमार मिश्र, एपीपी संजीव कुमार कुंवर, श्याम कुमार झा, संतोष कुमार सिन्हा, राघवेंद्र कुमार, ब्रजेश कुमार चौधरी, अनिता आनंद समेत दर्जनों वकीलों ने पुष्पांजलि कर नमन किया ।