PAK हमले में शहीद सीवान के जवान रामबाबू प्रसाद (28) बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पैतृक गांव सिलपुर के ही श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इससे पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। घाट पर लोगों की भारी भीड़ थी। लोगों की आंखें नम थीं, लेकिन जोश दिखाई दे रहा था। भारत माता और जवान के नाम के नारे लगते रहे।

दोपहर ढाई बजे शहीद की पार्थिव देह पटना से सीवान लाई गई। पार्थिव शरीर जिस गाड़ी से लाया गया उसके आगे और पीछे सैकड़ों लोगों का हुजूम दिखा। भारत माता की जय और रामबाबू अमर रहे के नारे लगे।

जैसे ही जवान की पार्थिव देह घर पहुंची, मां बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ी। बेटे को याद कर रोने लगीं। थोड़ी देर बाद शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान मां और चाचा पार्थिव शरीर से लिपटकर रोने पड़े।

 

घाट पर चाचा ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी।
साथी जवानों ने रामबाबू प्रसाद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
साथी जवानों ने रामबाबू प्रसाद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

बड़े भाई ने शहीद जवान को मुखाग्नि दी।

शहीद बेटे का शव घर पहुंचने के बाद बेसुध मां।
सेना के जवान शहीद का पार्थिव शरीर लेकर घर पहुंचे।

 

शहीद का शव पहुंचने के बाद गांव वालों ने भारत माता जय के नारे लगाए।
5 महीने पहले शादी हुई, पत्नी प्रेग्नेंट है

रामबाबू प्रसाद 12 मई को पाकिस्तानी ड्रोन अटैक में घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी सोमवार-मंगलवार रात 1 बजे मौत हो गई। वे जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर तैनात थे।

रामबाबू प्रसाद गौतम बुद्ध नगर थाना क्षेत्र के वसिलपुर गांव के रहने वाले थे। उनके पिता स्वर्गीय रामविचार सिंह उप मुखिया रहे चुके थे। 14 दिसंबर 2024 को रामबाबू की शादी हुई थी। उनकी पत्नी प्रेग्नेंट है।

अप्रैल में रामबाबू सीवान से जम्मू लौटे थे। उनका ट्रांसफर उदयपुर हो गया था, लेकिन पहलगाम अटैक के बाद उन्हें रोक लिया गया था। रामबाबू पाकिस्तान के हमले नाकाम करने वाले S-400 एयर डिफेंस सिस्टम में तैनात थे।