सुशील कुमार चौधरी ,विधि संवाददाता :बेनीपुर

बेनीपुर की अदालत का बड़ा फेसला ,हत्या के एक मामले में सश्रम आजीवन कारावास की सजा ,

अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय कृष्ण गोपाल की अदालत ने हत्या के एक मामले में प्रखंड क्षेत्र के पोहद्दी निवासी बजरंगी झा को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन्हें 10हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया गया हैं ,अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगा। ज्ञात हो कि पोहद्दी गांव के मनोज कुमार झा के पुत्र बजरंगी झा ने 15 जून 2015 को अपनी चाची भगवान दाय देवी को घर के अहाते में ही सब्जी खरीदने के समय चाकू मार कर हत्या कर दी थी ।इस संबंध में भगवान राय देवी के भाई बिरौल थाना क्षेत्र की पड़री निवासी अशोक कुमार राय ने बहेड़ा थाना कांड संख्या 303 /15 दर्ज करबाया ,जिसमें दो अन्य सहित बजरंगी झा को नामजद अभियुक्त बनाया था। लेकिन अनुसंधान के क्रम में दो अभियुक्तों का नाम पुलिस ने गलत पाते हुए दोष मुक्त कर दिया था साथ ही बजरंगी झा के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था ।उक्त मामले में 1 मार्च 2016 को न्यायालय ने आरोप गठित करते हुए सत्रवाद संख्या 372/15 की सुनवाई चल रही थी जिसमें 10 गवाहों ने अभियुक्त के विरुद्ध गवाही दी थी। इस बीच पुलिस ने आरोपी बजरंगी झा को घटना के दूसरे दिन 16 जून2015 को ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था जो सजा की सुनवाई के दिन तक उपकारा बेनीपुर में विचाराधीन बंदी के रूप में बंद हैं। उक्त मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय श्री कृष्ण गोपाल ने पिछले 8 अगस्त को उन्हें दोषी करार देते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तिथि मुकर्रर की थी। जिसमें आज लोक अभियोजक चक्रपाणि चौधरी ने घटना को गंभीर बताते हुए अत्यधिक सजा देने की मांग की। वहीं विधिक सेवा प्राधिकार के अधिवक्ता
दिवाकर झा ने अभियुक्त का उम्र कम होने के कारण उन्हें सुधार का एक मौका देते हुए कम से कम सजा देने की मांग की ।

आईपीएस रामचन्द्र राजगुरु उतराखंड से आकर बेनीपुर न्यायालय में दी गवाही।

बेनीपुर के अदालत में सजा की सुनवाई के दौरान आईपीएस रामचन्द्र राजगुरु भी न्यायालय में साक्ष्य देने हेतु प्रस्तुत हुये हैं। वर्ष 2015 में प्रशिक्षण के दौरान बहेड़ा थाना के थानाध्यक्ष थे और इस कांड के अनुसंधानकर्ता भी। फिलहाल आईपीएस राजगुरु उतराखंड राज्य के रुद्रपुर जिले के उधमसिंह नगर स्थित 46वी बंटालियन पीएसी के कमांडेंट हैं और पहली बार ऐसा हुआ कि कोई आईपीएस बेनीपुर की अदालत में सजा के सुनवाई के दौरान साक्ष्य सहित न्यायालय में उपस्थित हुये।