एक शाम मुज़फ़्फ़र अब्दाली के नाम ,साहित्य के सिपाही मुज़फ़्फ़र अब्दाली( आईएएस )के सम्मान में दरभंगा में हुआ खास कार्यक्रम।
एक शाम मुज़फ़्फ़र अब्दाली के नाम ,साहित्य के सिपाही मुज़फ़्फ़र अब्दाली( आईएएस )के सम्मान में दरभंगा में हुआ खास कार्यक्रम।
एक शाम मुज़फ़्फ़र अब्दाली के नाम ,साहित्य के सिपाही मुज़फ़्फ़र अब्दाली( आईएएस )के सम्मान में दरभंगा में हुआ खास कार्यक्रम।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शायर,गद्यकार और अदब के सच्चे खिदमतगार मुज़फ़्फर अब्दाली के सम्मान में एक शाम मुज़फ़्फर अब्दाली के नाम शीर्षक से एक यादगार साहित्यिक संध्या का आयोजन किया गया।
मौजूदा समय में मुज़फ़्फ़र अब्दाली बिहार डाक परिमंडल के मुख्य डाक महाध्यक्ष चीफ पोस्ट मास्टर जनरल के पद पर आसीन हैं,मगर उनकी पहचान केवल एक उच्च अधिकारी की नहीं,बल्कि एक गंभीर और प्रतिभाशाली उर्दू साहित्यकार की भी है।
इस अवसर पर दरभंगा टाइम्स की विशेष प्रस्तुति मुशर्रफ़ आलम ज़ौक़ी भेंट की गई। इस विशेषांक को देखकर उन्होंने प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए कहा यह एक बेहद खूबसूरत और स्तरपूर्ण अंक है। कार्यक्रम में मुज़फ़्फ़र अब्दाली ने अपनी कई चुनिंदा नज़्में और ग़ज़लें पेश कीं,जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा। उनकी शायरी में समकालीन चेतना,तहज़ीबी लय और वैचारिक परिपक्वता साफ झलकती है। प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ.मंसूर खुश्तर ने उनके कलाम पर बातचीत करते हुए कहा कि मुज़फ़्फ़र अब्दाली की शायरी में गहराई,नज़ाकत और नवीनता की शानदार मेल है। इस यादगार महफ़िल में प्रसिद्ध अफ़सानानिगार अनवर आफ़ाक़ी,समालोचक डॉ.एहसान आलम,कहानीकार डॉ.मजीर अहमद आज़ाद और साहित्यप्रेमी डॉ.मंसूर खुशतर ने भी शिरकत की और अपना कलाम पेश किया। सभी साहित्यकारों ने मुज़फ़्फ़र अब्दाली को श्रद्धांजलि पेश करते हुए कहा कि वे उर्दू अदब का चमकता सितारा हैं,जिन्होंने अपनी शायरी के साथ-साथ संस्थागत स्तर पर भी उर्दू की बेहतरीन सेवा की है। यह साहित्यिक संध्या दरभंगा के अदबी ज़ौक़ रखने वाले लोगों के लिए एक बेहद ख़ास और यादगार लम्हा साबित हुई,जिसकी गूंज लंबे समय तक बनी रहेगी।