पटोंरी गांव में मोरों थाना पुलिस के साथ ग्रामीणों की हुई बहस ,हिरासत में लिये गये दो आरोपियों को गाड़ी से उतारा।ग्रामीणों ने कहा भूमि विवाद के मामले में नहीं हो सकती आरोपियों की गिरफ्तारी।थाना पुलिस ने कहा कि वरीय पुलिस पदाधिकारी के आदेश को मानना मेरा फर्ज।
पटोंरी गांव में मोरों थाना पुलिस के साथ ग्रामीणों की हुई बहस ,हिरासत में लिये गये दो आरोपियों को गाड़ी से उतारा।ग्रामीणों ने कहा भूमि विवाद के मामले में नहीं हो सकती आरोपियों की गिरफ्तारी।थाना पुलिस ने कहा कि वरीय पुलिस पदाधिकारी के आदेश को मानना मेरा फर्ज।
पटोंरी गांव में मोरों थाना पुलिस के साथ ग्रामीणों की हुई बहस ,हिरासत में लिये गये दो आरोपियों को गाड़ी से उतारा।ग्रामीणों ने कहा भूमि विवाद के मामले में नहीं हो सकती आरोपियों की गिरफ्तारी।थाना पुलिस ने कहा कि वरीय पुलिस पदाधिकारी के आदेश को मानना मेरा फर्ज।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
मोरो थानाक्षेत्र के पटोरी गांव में जालसाजी एवं धोखाधड़ी के आरोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस को ग्रामीणों के साथ तू तू मैं मैं हो गई।इस घटना के बाद मोरो थाना की पुलिस ने पुलिस बल पर हमला एवं सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न करने को लेकर अलग से प्राथमिकी दर्ज किया है।जिसमें गाँव के हीं महेश चौधरी, सुजीत चौधरी,गणेश चौधरी समेत 13 लोगों को नामजद एवं 10-15 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी हें।
सूत्रों की माने तों सोमवार को मोरो थाना की पुलिस ने थाना में दर्ज एक कांड के दो आरोपियों पंकज चौधरी एवं सतीश चौधरी को गिरफ्तार कर उसे पुलिस गाड़ी में बैठाया।इतने में आस-पड़ोस के कई ग्रामीण वहां आ धमके और हिरासत में लिये गये दोनों आरोपियों को जबरन गाड़ी से उतार लिया।
ग्रामीणों का कहना था कि यह मामला भुमि विवाद से संबंधित है और बीएन एस की धारा 316(2) और 318(4) (जालसाजी और धोखाधड़ी)के तहत दर्ज है।
इस धारा में सात साल से कम की सजा है और इसे नोटिस तामीला कराकर छोड़ देना हें।ऐसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदेश पारित हें,आरोपियों को थाना से नोटिस जारी करने की अनिवार्यता है।
वहीं पुलिस का कहना है कि उक्त कांड के पर्यवेक्षण को सत्य करार दिया गया हें और वरीय पुलिस पदाधिकारियो ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। वरीय पुलिस पदाधिकारियों के आदेश का थाना पुलिस अनुपालन कर रही हें ।
वहीं इस घटना के बाद मोरो थाना की पुलिस ने पुलिस बल पर हमला एवं सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न करने को लेकर अलग से प्राथमिकी दर्ज किया है।जिसमें गाँव के हीं महेश चौधरी, सुजीत चौधरी,गणेश चौधरी समेत 13 लोगों को नामजद एवं 10-15 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाते हुए कांड अंकित कर कार्रवाई कर रही है।13नामजद में विकलांग को भी आरोपी बनाया गया हें।