राष्ट्रीय लोक अदालत में 2040मामले किये गये निष्पादित ,करीब पांच करोड़ रुपये पर हुआ समझौता ,प्रधान जिला जज सह प्राधिकार के अध्यक्ष ने कहा कि उनके सेवाकाल का यह अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत।

दस्तक 7मीडिया दरभंगा/विधि संवाददाता,

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में व्यवहार न्यायालय दरभंगा में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में 2040 मामले निष्पादित किया गया और 4करोड़88लाख57हजार415रुपये पर समझौता किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत कार्यक्रम प्रधान जिला जज सह प्राधिकार के अध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई। प्रधान जज श्री तिवारी ने कहा कि उनके सेवा काल का यह उनका अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत है। यह अदालत पक्षकारों के हितों में बिशिष्ट होगा। पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाना चाहिए। हां दोनों पक्षों की जीत होती है। मधुर संबंध रहती है। कटुता समाप्त हो जाती है।


जिला विधिक सेवा प्राधिकार के उपाध्यक्ष डीएम राजीव रौशन ने कहा कि भारत कि न्याय पालिका ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में उभय पक्षों की राय से स्थाई न्याय निर्णय के लिए लोक अदालत गठित किया। जहाँ आपसी समक्षौता से मामलें का स्थाई निदान होता है। इस कार्य में अधिवक्ताओं द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी ने कहा कि प्राधिकार के कार्यलय से जितने भी नोटिस मिला उसे पक्षकारों के बीच पहुँचाने का काम पुलिस विभाग ने किया है। लोक अदालत से निष्पादित मामलों में किसी भी पक्ष की हार नही होती है। इसके माध्यम से मामले निष्पादित होने से पक्षकारों के बीच का गिला शिकवा दूर हो जाते हैं । लोक अदालत का लाभ लें तथा जब यहां से जाएं तो अपने क्षेत्र में इसके बारे में लोगों को बताएं ताकि अन्य लोग भी इसका लाभ ले सके। इसमें कम समय मे मुकदमा समाप्त होता है। दरभंगा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चन्द्रधर मल्लिक ने कहा कि लोक अदालत से मामलें का निष्पादन होने से पक्षकारों को समय कि बचत होती है। जिस समय का उपयोग वे लोग खेती-बाड़ी , व्यवसाय में लगा कर अन्न उत्पादन और आर्थिक आय में बढ़ोतरी करते हैं। इससे राष्ट्र विकसित और मजबूत होती है। किसी भी मामले का निष्पादन कोर्ट में होने पर एक पक्ष की हार होती है और एक पक्ष की जीत होती है। परन्तु यहां दोनो पक्षों की जीत होती है।इसके निर्णय के खिलाफ कहीं भी अपील नहीं होती है।


इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश आरती कुमारी ने कही कि पक्षकार लोक अदालत का लाभ लें। लोक अदालत के माध्यम से विवाद का समाधान करने से समय की वचत होती है।लोग इसके महत्व को समझें तथा इसका लाभ लें।इससे पूर्व प्रधान जिला जज सहित डी एम,वरीय पुलिस अधीक्षक, बार एशोसिएशन अध्यक्ष, प्राधिकार के सचिव अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दिप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। पक्षकारों के सुविधा के लिए पूछताछ केंद्र की स्थापना की गई थी। पक्षकारों को किसी प्रकार की समस्या होने पर पूछताछ केंद्र में प्रतिनियुक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पारा लीगल वोलेंटियर मदद पहुंचा रहे थे। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी के साथ साथ अधिवक्ताओं, पक्षकारों और न्याय कर्मी मौजूद थे। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझौता के आधार पर 2040 मामलों का त्वरित निष्पादन किया गया। जिसमें 4 करोड़ 88 लाख 57 हजार 425 रुपया का समझौता किया गया।