सुसाइड की सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करती पुलिस।
हरियाणा में करनाल के पिंगली चौक पर अपने ही कमरे में सुसाइड के मामले में एक कॉपी सामने आई है। जिसमें मृतक ने अपनी पत्नी और साली सहित सात लोगों पर पैसे मांगने और टॉर्चर के आरोप लगाए है। परिजनों का आरोप है कि पत्नी के मायके जाने की वजह से मृतक मानसिक रूप से परेशान चल रहा था और इसी कारण उसने सुसाइड का कदम उठाया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

करनाल में पिंगली चौक निवासी राजपाल ने बीती 4 मई की दोपहर करीब ढाई बजे अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक फर्नीचर पॉलिश का काम करता था और बीते कुछ महीनों से डिप्रेशन में चल रहा था। मृतक के भाई बिजेन्द्र ने बताया कि राजपाल की पत्नी नीलम पिछले चार महीने से अपने मायके जेल चुंगी, सहारनपुर में रह रही थी, जिससे वह मेंटली तौर से टूट चुका था।

फिर सफाई के दौरान हाथ लगी कापी, खुला राज

4 मई को सुसाइड की सूचना 112 पर कॉल करके दी गई थी। उस वक्त कमरे से कोई सुसाइड नोट या सुराग नहीं मिला। लेकिन 6 मई की सुबह जब बड़े भाई राजेन्द्र ने दूसरे कमरे की सफाई की, तो एक कॉपी मिल, जिसमें शुरू से लेकर सुसाइड से जुड़ी बातें लिखी हुई थी। इसी कॉपी में आत्महत्या के पीछे की वजहें और जिम्मेदार लोगों के नाम भी लिखे हुए थे।

सुसाइड नोट में 7 लोगों के नाम

मृतक राजपाल द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में पत्नी नीलम, साली ममता, ममता का पति गोल्डी, साली आरती, नीलम की मां, नीलम का रिश्तेदार भूषण और अंकुश के नाम दर्ज है। अंकुश को नीलम ने धर्म का भाई बनाया हुआ था और वह हकीकत नगर करनाल में रह रहा है। आरोप है कि इन सभी ने राजपाल से पैसे की मांग की, उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और इसी के चलते राजपाल ने सुसाइड का कदम उठाया।

परिजनों से पूछताछ करती पुलिस।
भाई बिजेन्द्र की शिकायत पर दर्ज हुआ केस

​​​​​​​राजपाल के भाई बिजेन्द्र ने रामनगर थाना में मामले की शिकायत दी है। जिसमें उसने आरोप लगाया है कि इन सभी लोगों ने उसके भाई को मानसिक रूप से इतना परेशान कर दिया कि वह आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाने को मजबूर हो गया। जांच अधिकारी एएसआई विक्रम ने बताया कि पुलिस ने सुसाइड नोट और शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।