पोस्टमार्टम रिपोर्ट का था इंतजार ,पर हो ना सका न्यायसंगत बात ,थानाध्यक्ष के बदली के बाद लोंगों में छा गई मायूसी ,कौन हैं इसका जिम्मेदार ?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का था इंतजार ,पर हो ना सका न्यायसंगत बात ,थानाध्यक्ष के बदली के बाद लोंगों में छा गई मायूसी ,कौन हैं इसका जिम्मेदार ?
कुशेश्वरस्थान:संवाददाता ,
आखिर कौन है जिसको चुभने लगा है कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष अमित कुमार।
इन दिनों कुशेश्वरस्थान में थानाध्यक्ष को लेकर राजनीति सरगर्मी भी तेज हो गई है। मामला कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड अंतर्गत इटहर पंचायत के पूर्व मुखिया के मौत से जुड़ी है। इस मौत के मामले में मुखिया के समर्थकों में खुशी देखी जा रही हैं लेकिन सच्चाइ तो कुछ और हैं लेकिन सच्चाई के साथ जुड़े पूरे क्षेत्र के लोंग यही कह रहें हैं कि कुशेश्वरस्थान थाना का थानेदार सच्चाई के साथ थे और न्यायपूर्ण काम करना चाह रहें थे लेकिन झूठे लोंगों के सामने सच्चाई बौना पर गया और उन्हें यहां से एसएसपी ने तबादला कर दिया।
सूत्र बताते है कि 28 अगस्त को मुखिया स्व0 राय जब स्नान कर के जैसे ही बाहर आये तो उन्होंने अपने पत्नी से बताया कि मेरे सीने में दर्द हो रहा है। जिसके बाद गांव के ही किसी डॉक्टर को बुलाकर इंजेक्शन लगाया गया और उसी समय हृदयगति रुकने से पूर्व मुखिया की मौत गांव में ही हो गई थी। जिसके बाद परिजन आनन फानन में उसे सिर्फ गमछे में कुशेश्वरस्थान अस्पताल लाया जांच के बाद वहां मौजूद डॉक्टर भगवान दास ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कुछ राजनीतिक दल के नेताओं ने मामला को तुल देने के लिए कई तरह के रंग देने में जुट गया था। अस्पताल में लाश को घेरकर कई रंग देने का प्रयास किया। लेकिन उस असामाजिक तत्वों के मंसूबे पर चारो तरफ से पानी फेर दिया गया। जानकार बताते है कि 23 जुलाई को देर शाम पूर्व मुखिया एवं रंजीत कुमार राय के पक्षों के साथ मारपीट हुई थी। जिसमें दोनों तरफ से स्थानीय थाना में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
कुशेश्वरस्थान अस्पताल में लाश पर हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। मुखिया समर्थकों का आरोप है कि मुखिया पर थानाध्यक्ष ने गलत तरीके से प्राथमिकी दर्ज कर दी और उसी आवेदन को पढ़ते पढ़ते उनकी मौत हो गई।
वहीं मुखिया स्व0 राय की पत्नी ने लिखित आवेदन दिया कि वह अपने पति के साथ कुशेश्वरस्थान बाजार आ रही थी इसी दौरान रास्ते मे विपक्ष के लोगो ने हथियार से लैश होकर रास्ते मे घेर कर मारपीट किया इसलिए मेरे पति की मौत हो गई।
अब सवाल यह है कि आखिर पूर्व मुखिया की मौत हुई कैसे ? थाना में दर्ज आवेदन पढ़कर या विपक्षियों के द्वारा घेरकर मारपीट करने से या फिर हृदयाघात से ?
जानकार सूत्र बताते है कि जिस वक्त पूर्व मुखिया को अस्पताल लाया गया उस वक्त उनके शरीर पर कपड़े के नाम पर सिर्फ एक गमछा लपेटा हुआ था। लोग बताते है कि पूर्व मुखिया 27 जुलाई की रात इटहर में थे और 29 की सुबह अपने घर विशुनिया पहुंचे। घर आने के बाद वह स्नान करने गए इसी दौरान उन्हें हृदयाघात हुआ।
लोगो मे चर्चा बना हुआ है कि जब मुखिया स्नान कर रहे थे तो वह प्राथमिकी कैसे पढ़ रहे थे ? अगर वे अपने पत्नी के साथ कुशेश्वरस्थान बाजार आ रहे थे रास्ते मे विपक्षियों के द्वारा घेरा गया तो क्या मुखिया सिर्फ गमछे पहनकर अपने बाइक से बाजार आ रहे थे। आखिर पूर्व मुखिया की मौत पर इतना राजनीति तांडव क्यों कर रहे है कुछ नेता। पूर्व मुखिया पर पहले से ही स्थानीय थाना में 177/12, 224/12 सहित कई केस दर्ज है एक केस में 4/19 में जेल भी जा चुके है। फिलहाल मुखिया के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। अब तो पोस्टमार्टम का रिपोर्ट ही बताएगा मुखिया के मौत की सच्चाई क्या हैं ?
चर्चा तो यह भी हैं कि मुखिया के समर्थक उस चिकित्सक के पास बार बार जा रहें जिन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट देना हैं।कई माननीय भी चिकित्सक पर दबाव बना रहें हैं।
इस सच्चाई को जानने के लिए बने रहे हमारे साथ
हम इस सच्चाई को भी आपके सामने रखेंगे और सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही छुपा हैं।