सिमरी थाना के जमादार पर महिला ने लगाया अवैध छह हजार राशि लेने का आरोप,
शराब सेवन व मारपीट के आरोपी को छोड़ने का मामला।
महिला को वीडियो व ऑडियो वायरल।
दस्तक 7मीडिया ,सिंहवाड़ा /
सिमरी थाना पहुंचे फरियादी से अवैध राशि उगाही के आरोप में संलिप्तता की लगातार शिकायत सामने आने के बाद दोषी पुलिस पदाधिकारी पर वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा के माध्यम से निलंबन व विभागीय कार्रवाई किये जाने के बाद भी कुछ पुलिस वाले अपनी कार्यशैली को अपना अधिकार समझते हैं। गरीब असहाय से आर्थिक दोहन किया जाना आम बात हो गई है।सुशासन की सरकार में प्रतिदिन पुलिस -पब्लिक फ्रेंडली को सरल व न्याय देने का संदेश बिहार के डीजीपी व मुख्यमंत्री दे रहे हैं। आदेश निर्देश महज कागज तक सिमट कर रह जाने से आम लोगों का पुलिस से विश्वास समाप्त होता जा रहा है। इस दिशा में आदेश का अनुपालन करना पुलिस मुनासिब नही समझती है। अवैध राशि उगाही करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरभंगा जिला अंतर्गत सिमरी थाना में तैनात सहायक दारोगा अनिल तिवारी से सबंधित है। जिसको स्थानीय थाना क्षेत्र के लोग मुंछ वाला के नाम से भी जानते हैं। भराठी पंचायत की एक वृद्ध महिला लीला देवी का कहना है कि दिनांक 28- 4-2025 को शराब सेवन व पत्नी से मारपीट के आरोप में मेरे पुत्र इन्द्र कुमार पिता स्वर्गीय राम स्वरूप राम को सिमरी थाना गिरफ्तार कर थाना लाया है। थाना के पीटीसी राकेश कुमार पांडेय के ब्यान पर प्राथमिकी अंकित भी किया गया। विधवा लीला देवी थाना पहुंचकर अपने बेटे इन्द्र कुमार को छोड़ देने की गुहार लगाई।
तब जमादार अनिल तिवारी ने थाना से महिला के पुत्र को थाना से छोड़ देने का आश्वासन देकर लीला देवी से छह हजार रुपए अवैध वसूली कर ली है। लीला देवी ने कहा है कि अनिल तिवारी मुंछ वाला छह हजार रुपए हमसे थाना पर लिया लेकिन हमारे बेटा को नहीं छोड़ा तथा कहा कि इसी गाड़ी से कोर्ट ले जा रहा हुं जो फिर इसी गाड़ी से वापस शाम को आ जाएगा।
इधर मंगलवार की शाम जब महिला द्वारा लगाया गया अवैध उगाही के आरोप का वीडियो की जानकारी जमादार अनिल तिवारी को मिली तो वे एक व्यक्ति को महिला के पास रूपये वापस लौटाने को भेजा लेकिन वह पैसा लेने से इंकार कर दी। पीड़ित महिला ने जमादार अनिल तिवारी पर अवैध राशि उगाही का आरोप लगाकर वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को आवेदन सौंपने कि बात कही है। न्याय की गुहार के बीच रूपये लेने वाले दोषी पुलिस पदाधिकारी पर कारवाई की मांग के साथ बेटे को जेल भेज देने को लेकर आखों से आंसू बहा कर रो रही थी।

