जाति आधारित जनगणना से देश के पिछड़े समाजों को उनका उचित अधिकार दिलाने में मदद मिलेगी- संजय सिंह पप्पू सिंह।
जाति आधारित जनगणना से देश के पिछड़े समाजों को उनका उचित अधिकार दिलाने में मदद मिलेगी- संजय सिंह पप्पू सिंह।
जाति आधारित जनगणना से देश के पिछड़े समाजों को उनका उचित अधिकार दिलाने में मदद मिलेगी- संजय सिंह पप्पू सिंह।
दस्तक7मिडिया, अलीनगर, दरभंगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह पप्पू सिंह ने हाल ही में जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर एक वक्तव्य दिया है। उन्होंने कहा कि आजादी के सात दशक बाद देश में पहली बार जाति आधारित जनगणना हो रही है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के प्रयासों से ही संभव हो पाया है।
संजय सिंह पप्पू सिंह ने कहा कि जाति आधारित जनगणना से देश के पिछड़े समाजों को उनका उचित अधिकार दिलाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि जो कांग्रेस आज जाति आधारित जनगणना का श्रेय लेना चाहती है, उसे पहले देश को कुछ सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि उनकी पिछली सरकारों ने यह कदम क्यों नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह की सरकारों ने जाति आधारित जनगणना क्यों नहीं कराई, इसका जवाब कांग्रेस और राहुल गांधी को देना चाहिए। संजय सिंह पप्पू सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने सामाजिक न्याय और समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए यह ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह जनगणना देश के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को समझने और पिछड़े समुदायों के विकास के लिए नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जाति आधारित जनगणना का मुद्दा भारत में लंबे समय से बहस का विषय रहा है। समर्थक इसे सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक मानते हैं, जबकि आलोचकों का तर्क है कि इससे जातिगत भेदभाव को बढ़ावा मिल सकता है।