ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को किशनगंज में बड़ा झटका लगा है। असदुद्दीन ओवैसी के 3 मई को प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र के दर्जनों कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पार्टी से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की मुख्य वजह पूर्व कांग्रेस विधायक तौसीफ आलम को AIMIM से टिकट दिया जाना है।

बैठक कर किया इस्तीफे का ऐलान

बुधवार को नाराज़ नेताओं ने एक आपात बैठक बुलाई और सामूहिक इस्तीफे की घोषणा कर दी। इस दौरान AIMIM युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मासूम रजा, बहादुरगंज प्रखंड अध्यक्ष तौसीफ आलम (AIMIM नेता) समेत कई अन्य प्रमुख नेताओं ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया।

नेताओं ने पार्टी सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी और बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

“17 साल विधायक रहे तौसीफ ने एक सवाल भी नहीं उठाया”

पत्रकारों से बातचीत में मासूम रजा ने कहा, “तौसीफ आलम 17 वर्षों तक विधायक रहे, लेकिन विधानसभा में एक भी प्रश्न नहीं उठाया। हम लगातार उनके खिलाफ थे, फिर भी उन्हें टिकट दे दिया गया।” उन्होंने कहा, “मुझे टिकट न देते, किसी और को दे देते, कोई बात नहीं। लेकिन तौसीफ को टिकट देकर कार्यकर्ताओं का अपमान किया गया है।”

“पार्टी नेतृत्व को लगने लगा है कार्यकर्ता की जरूरत नहीं”

बहादुरगंज AIMIM प्रखंड अध्यक्ष ने कहा, “जितनी तेजी से तौसीफ आलम को टिकट दिया गया, उतनी ही देर हमें समझाने और सुनने में लगी। पार्टी नेतृत्व को शायद लगता है कि बिना ज़मीनी कार्यकर्ताओं के भी चुनाव जीते जा सकते हैं।”

नेताओं ने चेतावनी दी कि “बहादुरगंज सीट से तौसीफ आलम को किसी भी हाल में चुनाव नहीं जीतने देंगे।”

AIMIM की रणनीति पर सवाल

किशनगंज में AIMIM ने 2019 और 2020 में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन टिकट बंटवारे को लेकर संगठन में दरारें खुलकर सामने आ रही हैं। ओवैसी के दौरे से ठीक पहले पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की यह बगावत AIMIM के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।