चंद्रधारी मिथिला महाविद्यालय के संस्थापक सचिव अधिवक्ता गंगाधर मिश्र की मनाई गई 78वीं पुण्यतिथि।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता /

चन्द्रधारी मिथिला महाविद्यालय के संस्थापक सचिव अधिवक्ता गंगाधर मिश्र की पुण्यतिथि मनाई गई।दरभंगा बार एसोसिएशन भवन में बुधवार को अधिवक्ता विनय चंद्र चौधरी की अध्यक्षता में सी एम कालेज के संस्थापक सचिव और बार एसोसिएशन दरभंगा के पूर्व महासचिव अधिवक्ता गंगाधर मिश्र के 52वीं पुण्य-तिथि मनाई गई। आयोजित कार्यक्रम में अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि शिक्षा का अलख जगाने के लिए गंगाधर बाबू ने मिथिला महाविद्यालय का स्थापना किये और चन्द्रधारी सिंह के द्वारा 51हजार रुपये सहयोग राशि देने पर महाविद्यालय का नाम चंद्रधारी मिथिला महाविद्यालय किया।इस महाविद्यालय में विधि की पढाई प्रारम्भ कराये।वे दरभंगा बार एसोसिएशन के सचिव भी रहे। वहीं वे कतिपय उच्च विद्यालय के स्थापना कमिटी के सदस्य रहे।वे अपने आप एकल व्यक्ति नहीं अपितु संस्था थे। स्वाधीनता आंदोलन का एक प्रमुख केन्द्र दरभंगा बार एसोसिएशन भवन था। जहां देश की आजादी के लिए कार्यक्रम बनायी जाती थी।शिक्षण संस्थानों की स्थापना के लिए निर्णय की जाती थी। भूकंप पीड़ितों को राहत देने के लिए निर्णय कर अनुपालन की जाती थी।लेकिन भारत की आजादी से पूर्व हीं 52वर्ष की आयु में 30अप्रैल 1947 को उनका निधन हो गया।

पुण्य-तिथि समारोह में गंगाधर बाबू के पौत्र चिकित्सक अविनाश चंद्र मिश्र, कृषि सेवा से सेवा निवृत्त पौत्र नरेंद्र मिश्र, अधिवक्ता बिरेंद्र कुमार सिंह, नविनेन्द्र कुमार मिश्र,रमणजी चौधरी,रिषभ श्रीवास्तव, श्याम बिहारी राय,हीरानंद मिश्र, फुल बाबू मंडल,राम सुखित चौधरी, रामबिलास महतो, आलोक नाथ गोस्वामी, रणजीत संडवाल,मदन कुमार सिंह, अधिवक्ता लिपिक विनय कुमार झा समेत दर्जनों अधिवक्ताओं ने गंगाधर बाबू के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। वहीं अधिवक्ताओं ने संकल्प लिया कि वे गंगाधर बाबू के बताये मार्ग पर चलने का प्रयास करेंगे।