कश्मीर के पहलगाम में हुये आतंकी हमले को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोंगों में भी पनपा आक्रोश ,कहा सरकार की जवाबदेही हें कि आतंकियों को भी दे सजा।इस घटना की जितना निंदा किया जाय वह कम हें।

दस्तक 7मीडिया /गुड्डू राज 

पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 पर्यटकों की निर्मम हत्या को लेकर दरभंगा के कई मुस्लिम संगठन इसका पुरजोर विरोध कर रहें हें।संगठन के सदस्यों ने केंडील मार्च निकालकर अपनी प्रतिक्रिया दी हें।

वार्ड पार्षद नफीसुल हक़ रिंकू ने कहा कि नैतिकता के आधार पर देश के गृह मंत्री को अविलंब सारे आंतंकवादियो को मार गिराना चाहिये या फिर उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिये।धर्म पूछकर सेनानियों को गोली मारना कायरता के सिवा कुछ नहीं हें।जम्मू कश्मीर में हुए इस हमले की जितनी निंदा की जाए कम है।

रियाज खान कादरी ने कहा आतंकवादियों ने जिस तरह इस घटना को अंजाम दिया है ,इसका जवाबी कारवाई  केंद्र सरकार को शक्ति के साथ करनी चाहिए चाहे वह आतंकवादी अपने देश का हो या बाहर किसी दूसरे मुल्क से आया हो।जिस तरह की घटना को आतंकवादियों ने अंजाम दिया यह इंसानियत को दागदार करती हें, इंसान किसी की हत्या करते हुए 10 बार सोचता है लेकिन वहां लगातार गोलियों की आवाज आती रही और आतंकवादी अपने घिनौना काम को अंजाम देती रही ,पूरा मुल्क इस घटना की निंदा कर रहा है और और इस घटना में शामिल तमाम आतंकवादियों को कड़ी से कड़ी सजा देने के लिये बात कर रहा हें।सरकार को सख्ती से कदम उठाना चाहिये।

जमाल हसन ने अपना आक्रोश दिखाते हुए जल्द से जल्द आतंकवादी गतिविधियों पर शक्ति से निपटने की मांग की हें ।

मुन्ना खान ने कहा कि यह बहुत निंदनीय घटना है आतंकवाद का इंसानियत से कोई लेना देना नहीं होता आज जिस तरह की घटना पहलगाम में हुई है उसे पूरा देश सदमे में है कश्मीर हमारे देश का वह हिस्सा है जिसे लोग जन्नत कहते हैं। 28 लोगों के निर्मम हत्या कर दी गई और दर्जनों लोगों को घायल किया गया। यह ऐसी घटना है जिसे सुनने के बाद रूह कांप जाती है ऐसे घोर अपराध करने वाले आतंकवादियों की पहचान कर इसे वैसी ही सजा दी जाय।

सैयद आफताब अशरफ ने कहा कि आतंकवादियों द्वारा मारे गए पर्यटकों के परिवार के प्रति हम संवेदना व्यक्त करते हें।

ख़लीकुज जमा पप्पू ने कहा आज पूरा देश वर्तमान की भाजपा सरकार से जानना चाहती है कि आखिर कब तक इस प्रकार की निर्मम हत्याएं होती रहेंगी।

अमजद उर्फ पप्पू खान ने कहा आखिर इन सभी पर्यटकों का क्या कसूर था जिन्होंने अपनी जान गंवाई है।

इन सभी ने कहा कि अगर वर्ष 2024 की बात करें तो केवल दिसंबर तक कुल 15 आतंकी हमले हुए हैं जिसमें 11 नागरिक एवं 17 सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवाई थी। महज पिछले 3 वर्षों में कुल 32 आतंकी हमले हुए हैं,और सरकार केवल और केवल आतंकवाद के समाप्त होने की बात करती हें।इससे जम्मू कश्मीर की ज़मीनी हकीकत लगातार सामने आ रही है।

अनुरेश चन्द्र ने कहा कि इन्होंने नोटबंदी से भी आतंकवाद को समाप्त करने की बात कही थी वर्तमान की केंद्र सरकार इस देश के लोगों को मुद्दे से भटकना चाहती हैं।

फिरोज आलम ने कहा वर्ष 2014 से अब तक देश के प्रधान मंत्री,नरेंद्र मोदी जी ने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं किया विगत दिनों हुए आतंकी हमले हुए हैं और देश के प्रधान मंत्री जी को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए और उन्हें देश को बताना चाहिए ।

रजनीश चौबे ने कहा कि धारा 370 का हवाला कब तक दोहराई जाएगी। साथ ही जम्मू कश्मीर में हुए आतंकी हमले में पर्यटकों की निर्मम हत्या हुई है जिन्होंने भी अपनी जान गवाई है सरकार की नाकामयाबियों का शिकार हुई है।उन्होंने  केंद्र सरकार की ओर से उचित मुआवजा की मांग किया हैं।

सरफे आलम तमन्ने,अधिवक्ता मुमताज़ आलम,ख़लीकुज जमा उर्फ पप्पू खान,अमजद उर्फ पप्पू खान,इकबाल हसन रिशु,जमाल हसन,मुन्ना खान,आफताब अशरफ,रियाज़ खान कादरी,खालिद हुसैन,मोo उमर,रजनीश चौबे,अनुरेश चंद्र,राजू पासवान,सचिन राम,दुलारे दीप,कमरे आलम,आरजू उर्फ,राजा अंसारी,मो इरशाद,मोo जावेद,मोo अशरफ,मोo वशीद अहमद,मोo रिजवी,कमर आलम उर्फ तारा,नौशाद अहमद,मोo दस्तगीर,मोo उस्मान,सहित कई लोंगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की हें।