भूमाफिया ,आपराधिक/दलाल किस्म के लोगो को लहेरियासराय थाना की पुलिस ने गले में बांधा शांति दूत का पट्टा :वार्ड पार्षद रीता सिंह।

परिचय पत्र के हकदार वहीं हें ,जो बेदाग,स्वक्छ छवि और सामाजिक प्रतिष्ठा रखते हो ,आपराधिक किस्म के लोग जो थाना से मेल -जोल बनाकर रखना चाहते हें उन्हें सदस्य बनाने का कोई औचित्य नहीं :पूर्व लोक अभियोजक।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

लहेरियासराय थाना क्षेत्र के चौक चौराहों ,गली कुचियो एवं चाय के दुकानों पर इन दिनों सिर्फ एक ही चर्चा हो रही हें कि कैसे -कैसे लोंगों को लहेरियासराय थाना की पुलिस ने शांति समिति का सदस्य बनाकर परिचय पत्र बांट दिया हें।इसे लेकर पूर्व शांति समिति के कई सदस्यों ने भी आपत्ति जतायी हें।चर्चा यही हें कि आखिर कैसे आपराधिक किस्म के लोंगों को पुलिस ने थाना का शांति दूत बना दिया हें ?जबकि इनके विरुद्ध लहेरियासराय थाना में ही मामला दर्ज हें और चार्ज शीटेड हें,यही नहीं  बहादुरपुर थाने में भी मामला दर्ज हें ॥कोई भू माफिया हें ,तों कोई थाने का दलाल।

 

 

पूर्व लोक अभियोजक ,जिला शांति समिति के सक्रिय सदस्य श्याम किशोर प्रधान समेत अन्य सदस्यों ने भी थानाध्यक्ष की इस कार्यशैली पर प्रश्न उठाया हें और कहा हें कि लहेरियासराय थाना क्षेत्र अंतर्गत शांति समिति काफी मजबूत और अनुशासित रहा हें। उन्होंने कहा कि लहेरियासराय थानाध्यक्ष द्वारा सदस्यों के बीच कार्ड बांटे जाने का निर्णय हुआ जिसमें कुछ लोंगों को दिया जा चुका हें और कुछ लोंगों को दिया जाना हें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे तत्व जिनका सामाजिक कार्यों में कभी कोई रोल नहीं रहा ,ऐसे तत्व जो थानाध्यक्ष से मेल जोल बनाकर रखने में थाना पर आना जाना रुचि रखते  हें ,ऐसे लोग ही परिचय पत्र लेना चाहते हें और लेने का प्रयास कर रहें हें। पूर्व लोक अभियोजक एवं जिला शांति समिति के सदस्य श्याम किशोर प्रधान ने स्पष्ट कहा कि जिन्हें थानाध्यक्ष द्वारा शांति समिति का परिचय पत्र दे दिया गया हें ,उसे वरीय पदाधिकारी अपने स्तर से जांच कर ऐसे लोंगों का परिचय पत्र रद्द करने की कृपा करें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोंगों को परिचय पत्र दे जो सांप्रदायिक सद्भाव में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम हो। उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष से उनकी बात दूरभाष से हुई हें और उन्होंने आग्रह किया हें कि ऐसे गलत लोंगों के बीच शांति समिति का परिचय पत्र नहीं बांटे जिसका दुरुपयोग हो। उन्होंने कहा कि इस परिचय पत्र के हकदार वहीं हो सकते हें जिनकी छवि बेदाग हो ,समाज में उसकी पहचान हो और आपराधिक चरित्र का नहीं हो।उन्होंने कहा कि शांति समिति सदस्य बनाने का नियम नहीं हे यह एक परंपरा हें। शांति समिति सदस्य बनाने का मात्र एक उदेश्य हें कि समाज में शांति व्यवस्था कायम करने में उसकी अग्रणी भूमिका हो ,सांप्रदायिक सौहार्द बना रहें। दोनों पक्षों के बीच भाईचारा बनी रही इसके लिये जिला शांति समिति और थाना स्तर पर बनाए गये सदस्य मिल जुलकर समाज में प्रेरणादायक काम करते आया हें और ऐसे सदस्यों को परिचय पत्र की जरूरत नहीं हें । उन्होंने फिर स्पष्ट किया कि इसमें जो आपराधिक किस्म के लोग हें ,समाजिक सद्भाव में खलल डालने वाले लोग हें जिनका ब्लेक लिस्टेड चरित्र हें ,जो तरीपार वाले लोग हें ऐसे लोंगों को शांति समिति सदस्य बनाने का कोई औचित्य नहीं हें और अगर बन भी गया हें तों हम लोग रद्द करने की सिफारिश वरीय अधिकारियों से करेंगे।
यहां बता दे कि पूर्व लोक अभियोजक श्री प्रधान ने स्पष्ट संदेश दे दिया हें कि शांति समिति में आपराधिक किस्म के लोंगों को परिचय पत्र दे दिया गया हें इसमें एक सदस्य ऐसा भी हें जो दंगा भड़काने के लिये कई बार प्रयास किया हें और उसकी मंशा अक्सर ऐसी रहती हें। ऐसे ऐसे लोंगों को अगर आप शांति दूत बनाते हें तों थाना आने वाले लोंगों का भगवान मालिक। श्री प्रधान ने दबे जुबान से यह भी साफ किया कि जो लोग थाना पुलिस से मेल जोल बढ़ाने थाना पर अक्सर आते हें  उनकी मंशा गलत रहती हें मतलब साफ हें कि ऐसे लोग दलाली के लिये थाना पर आते जाते हें।

और जब शांति दूत का जब पट्टा लग जाय तों आमने सामने से दलाली का धंधा और फलने -फूलने लगेगा फिर  पुलिसिया व्यवस्था दागदार होगी। पूर्व लोक अभियोजक  श्री प्रधान ने अनुरोध किया हें कि ऐसे जिन लोंगों को परिचय पत्र दिया जा चुका हें उसे वरीय पदाधिकारी जांच कर परिचय पत्र को रद्द करें।

इधर जिला शांति समिति के सदस्य रीता सिंह ने कहा कि समाज में शांति व्यवस्था कायम करने के लिये आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिये वर्षों से सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती आ रही हें उन्हें कोई परिचय पत्र की जरूरत नहीं हें ,उन्होंने कहा कि समाज के हर तबके के लोग उन्हें जानते हें ,सभी वर्ग के लोंगों के लिये वह न्याय के लिये हमेशा कदम आगे बढ़ाते आयी हें।उन्होंने उदाहरण देते हुये कहा कि समाज के लिये जब मदर टरेसा काम करना शुरू की थी तों उन्हें कौन सा परिचय पत्र मिला था लेकिन उनके द्वारा किये गये सामाजिक  कार्यों को आज भी लोग याद कर रहें हें।रीता सिंह ने कहा कि उन्हें भी परिचय पत्र लेने के लिये थाना से बुलाया गया था लेकिन उनके घर पर आकर परिचय पत्र दिया गया।उन्होंने कहा कि समाज में वर्षों से सामाजिक कार्य करते आ रही हें ,उन्हें समाज के लोग जानते हें। उन्होंने कहा कि भू माफिया ,आपराधिक किस्म के लोग और थाना की दलाली करने वाले लोग जब शांति दूत बन जाएंगे तों थाना का भगवान मालिक होगा और ऐसे थाना से थाना क्षेत्र की जनता को कैसे न्याय मिलेगा।रीता सिंह ने कहा कि सबसे पहले थाना पुलिस द्वारा जिस गलत लोगो को गले में पट्टा बांधा गया हें उसे उतारने की जरूरत हें ताकि लोंगों का थाना पर विश्वास बना रहें।