महिला संवाद कार्यक्रम के पाँचवें दिन दर्ज हुई ऐतिहासिक भागीदारी, जिले की एक लाख से अधिक महिलाओं ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा
महिला संवाद कार्यक्रम के पाँचवें दिन दर्ज हुई ऐतिहासिक भागीदारी, जिले की एक लाख से अधिक महिलाओं ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा
महिला संवाद कार्यक्रम के पाँचवें दिन दर्ज हुई ऐतिहासिक भागीदारी,
जिले की एक लाख से अधिक महिलाओं ने लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
बिहार सरकार द्वारा संचालित “महिला संवाद” का आयोजन दरभंगा जिले के सभी 18 प्रखंडों में 18 अप्रैल से लगातार जारी है।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना,उनकी सामाजिक-आर्थिक भागीदारी को सुनिश्चित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को नीति-निर्माताओं तक पहुँचाना है।
पाँचवे दिन तक भीषण गर्मी के बावजूद जिले की एक लाख से अधिक महिलाओं ने महिला संवाद में सक्रिय भागीदारी दर्ज की है,जो यह दर्शाता है कि ग्रामीण महिलाएँ अब न केवल अपनी समस्याओं को पहचान रही हैं,बल्कि उनकी अभिव्यक्ति और समाधान के लिए मंच का भी प्रभावी उपयोग कर रही हैं।
कार्यक्रम में जीविका से जुड़ी महिलाएँ,स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं और अन्य ग्रामीण महिलाएँ बड़ी संख्या में शामिल हो रही हैं।
वे अपने अनुभव साझा कर रही हैं,एक-दूसरे की कहानियों से प्रेरणा ले रही हैं तथा अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक हो रही हैं।
महिला संवाद कार्यक्रम हर प्रखंड के महिला ग्राम संगठनों में प्रतिदिन दो पालियों (प्रातः एवं सायं) में आयोजित किया जा रहा है। इसमें सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी पूर्ण (लीफलेट) वितरित किए जा रहे हैं,साथ ही महिला संवाद रथ के माध्यम से जागरूकता फिल्में दिखाकर महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
महिला संवाद कार्यक्रम में महिला किसानों ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी बुनियादी आवश्यकताओं और समस्याओं को मजबूती से सामने रखा।
उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी और प्रशिक्षण की इच्छा जताते हुए सरकार से खाद्य और कीटनाशकों की सहज उपलब्धता और उनकी कीमतों में कमी सुनिश्चित करने की माँग की।
महिलाओं ने बताया कि दरभंगा जिले की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है,इसलिए यहाँ की आर्थिक मजबूती के लिए किसानों के हित में विशेष योजनाएँ और सुविधाएँ जरूरी हैं।
महिलाओं ने कहा कि अगर खेती को लाभकारी बनाना है, तो किसानों को समय पर गुणवत्ता युक्त इनपुट्स जैसे खाद्य, बीज और कीटनाशक दवा उचित दरों पर मिलना चाहिए।
इसी कड़ी में हायाघाट प्रखंड की महारानी देवी ने बताया कि गर्मियों के मौसम में जलस्तर काफी नीचे चला जाता है, जिससे अधिकांश चापाकलों में पानी आना बंद हो जाता है। यह स्थिति पीने के पानी और सिंचाई दोनों के लिए गंभीर संकट उत्पन्न करती है।
उन्होंने जिला प्रशासन से जल की समुचित आपूर्ति और वैकल्पिक स्रोतों की व्यवस्था की माँग की,जिससे ग्रामीणों को इस परेशानी से राहत मिल सके।
इस आयोजन के माध्यम से महिलाओं को मंच दिया जा रहा है जहाँ वे सरकार के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर रही हैं, अपनी समस्याओं के समाधान के सुझाव दे रही हैं और नीतियों को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने में योगदान कर रही हैं।
दरभंगा जिला प्रशासन एवं जीविका द्वारा संचालित इस पहल में प्रत्येक महिला को आमंत्रित किया गया है कि वह अपने निकटतम महिला ग्राम संगठन में पहुँचकर इस संवाद का हिस्सा बने और राज्य के समावेशी विकास में अपनी भूमिका को सशक्त बनाए।
यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है,जहाँ “ग्राम की महिला अब नीति विमर्श का केंद्र बन रही है।” दरभंगा जिले की यह पहल न केवल स्थानीय स्तर पर बदलाव ला रही है,बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी एक आदर्श प्रस्तुत कर रही है।