दरभंगा जिला में कई थानेदार लापरवाह ,समय रहते कारवाई होती तों बचाया जा सकता था नर्तकी की जान।हर्ष फायरिंग के मामले में जाले कई नामजद एवं कई अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी ,पुलिस जांच में जुटी।

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

दरभंगा पुलिस में कई ऐसे थानेदार हें जो कर्तव्यों के प्रति लापरवाह हें। थानेदार तों बना दिये गये हें लेकिन ऐसा लगता हें कि थानेदारी का बोध उन्हें नहीं हें।कई थानेदार ऐसे हें जिनका अपने क्षेत्र पर कोई नियंत्रण नहीं हें मतलब इनका सूचना तंत्र फेल हें ,तकनीकी सेल के सहारे इनकी थानेदारी चल रही हें। अगर ऐसा नहीं हें तों इनके क्षेत्र में चली गोलियों की आवाज कई गांवों तक सुनाई पड़ती हें लेकिन इनके कानों तक आवाज नहीं जाती हें।
ऐसा मामला होली /होलिका दहन के दिन मोरों थाना क्षेत्र के पटोरी गांव से आ चुका हें ,दो दिनों में 30-35राउंड अपराधियों ने हवा में दहशत फैलाने के लिये गोली चलाई ,लेकिन इस गोली की आवाज मोरों थानाध्यक्ष को सुनाई नहीं  दी।
इसी तरह जाले थाना से सटे जोगियारा गांव में शादी समारोह में कई राउंड हर्ष फायरिंग हुई लेकिन स्थानीय थाना को इसकी आवाज नहीं सुनाई दी जबकि इस हर्ष फायरिंग में एक नर्तकी की जान चली गई। मोरों थाना के पटोरी गांव में भी रुक रुक कर करीब एक घंटे तक अपराधियों ने हवा में गोली चलाई ठीक इसी तरह इस शादी समारोह में एक घंटे से ऊपर रुक रुक कर हर्ष फायरिंग की गई , लेकिन पुलिस को आवाज नहीं सुनाई दी। मोरों थानाध्यक्ष ने अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी कई दिनों बाद निभाई।

जाले थाना क्षेत्र के जोगियारा गांव में चूंकि गोली लगने से नर्तकी की मौत हुई हें इसीलिये छः नामजद और कई अज्ञात आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई हें। लेकिन पुलिस का तंत्र मजबूत रहता तों शायद नर्तकी की जान बच सकती थी। प्राथमिकी में राम विनय सिंह ,उनके दोनों बेटे, पत्नी सगे संबंधियों को आरोपी बनाया गया हें।
एसएसपी के निर्देश पर टेक्निकल सेल इस मामले में जुटी हें। एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर कई साक्ष्य जुटाते हुये जांच कर रही हें।