दरभंगा की अदालत का बड़ा फेसला :शराब कारोबार के जुर्म में पांच साल के कारावास की सजा ,एक लाख का अर्थदंड।
दरभंगा की अदालत का बड़ा फेसला :शराब कारोबार के जुर्म में पांच साल के कारावास की सजा ,एक लाख का अर्थदंड।
विधि संवाददाता ,दरभंगा :दरभंगा जिला के उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश प्रथम सत्यभुषण आर्य की अदालत ने मंगलवार को हायाघाट थाना क्षेत्र के पश्चिमी विलासपुर गांव के सत्यनारायण मांझी को शराब कारोबार करने के जूर्म में पांच बर्ष का कारावास तथा एक लाख रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।अर्थदण्ड भुगतान नहीं करने पर दोषी छः महीने का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।सहायक विशेष लोक अभियोजक उत्पाद अधिनियम के अभय पाठक ने बताया कि दोषी मांझी को उत्पाद थाना की पुलिस ने चार लीटर देशी शराब के साथ गिरफ्तार कर उत्पाद थानाकांड सं.45/22 दर्ज किया था।अदालत में इस केश का बिचारण जीओ वाद सं.63/22 के तहत चल रही थी।अदालत ने मंगलवार को मामले की सूनवाई पश्चात अपना निर्णय सुनाया है।विशेष लोक अभियोजक हरेराम साहू ने बताया कि एक भी शराब कारोबारी को बख्शा नहीं जायेगा। सभी को इस अदालत से सजा होना निश्चित है। लगातार हो रही सजा इस बात का संकेत है कि दरभंगा जिला के सभी शराब कारोबारी गैरकानूनी कारोबार बंद कर दें अन्यथा सजा होना तय है। बिहार सरकार के शराबबंदी कानून को अमलीजामा पहनाने के लिए उत्पाद अधिनियम के स्पेशल पी पी और सहायक स्पेशल पी पी कृतसंकल्पित हैं। पहलीबार शराब सेवन करने वाले शराबी को अर्थदण्ड की सजा मिलती है और वही शराबी यदि दूसरी बार शराब के नशे में पकड़े जाते हैं तो उन्हें 365 दिन जेल में बंद रहना पड़ता है।