नीलोखेड़ी पहुंचने पर पूर्व सीएम मनोहर लाल का स्वागत करते कार्यकर्ता।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल जिले के नीलोखेड़ी में स्थित सरकारी प्रिंटिंग प्रैस के परिसर का दौरा किया। यह प्रिंटिंग प्रैस कई साल पहले बंद हो चुकी है, लेकिन अब भी यहां मौजूद बिल्डिंग और अन्य ढांचे अच्छी स्थिति में हैं। यह पूरी जगह करीब 35 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है, जो अर्बन डिपार्टमेंट के अधीन आती है। चूंकि यह विभाग खट्टर के पास है, उन्होंने खुद इस बिल्डिंग की स्थिति को देखा और अधिकारियों के साथ चर्चा की।

मंत्री ने बताया कि यह जमीन सरकार के अधीन है और इसके बेहतर उपयोग के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही सरकार के सामने यह प्रस्ताव रखा जाएगा कि इसे किसी योग्य डिपार्टमेंट को उचित कीमत पर ट्रांसफर किया जाए। यह डिपार्टमेंट फिर इस जगह के उपयोग की योजना बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह स्थान शहर के बीचों बीच है, इसलिए यदि इसका सही इस्तेमाल हुआ, तो यह नीलोखेड़ी की जनता के लिए एक बड़ी सौगात बन सकता है।

नीलोखेड़ी मंडी में पहुंचकर देखा गेहूं का हाल

दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नीलोखेड़ी की अनाज मंडी का भी निरीक्षण किया। यहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि मंडी में गेहूं रखने और सुखाने की जगह कम पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इस वक्त मंडी में जगह की भारी कमी है, जिस कारण प्रिंटिंग प्रैस की खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल अस्थायी रूप से किया जा रहा है। गेहूं की ढेरी वहीं पर सुखाई जा रही है, ताकि किसानों को नुकसान न हो। मंत्री ने कहा कि जल्द ही मंडी को एक बड़े स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा, जिससे किसानों की दिक्कतें खत्म होगी और अनाज की संभाल भी बेहतर ढंग से हो सकेगी।

नीलोखेड़ी में ही हुई अधिकारियों की बैठक

​​​​​​​नीलोखेड़ी में ही केंद्रीय मंत्री ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक रूटीन मीटिंग भी की। इस बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में यह चर्चा हुई कि किन योजनाओं पर कार्य पूरा हो चुका है और किन पर अभी काम चल रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करें और जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

वंदे भारत एक्सप्रेस के ठहराव पर बोले

​​​​​​​जब पत्रकारों ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के करनाल में ठहराव को लेकर सवाल किया, तो केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जवाब में कहा कि इसको लेकर उनके पास मांग आई थी। उन्होंने यह मांग रेलवे डिपार्टमेंट को भेज दी है। अब यह निर्णय रेलवे विभाग द्वारा लिया जाएगा और वह वही फैसला करेगा जो जनता के हित में होगा।

स्थानीय विधायक की चिट्ठी के बाद हुआ निरीक्षण, अब उम्मीदें बढ़ीं

​​​​​​​नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी ने बताया कि उन्होंने इस बंद पड़ी प्रिंटिंग प्रैस की जमीन को लेकर केंद्रीय मंत्री को पहले ही पत्र लिखा था। इसके बाद ही मंत्री ने खुद यहां का दौरा किया और मौके की स्थिति का निरीक्षण किया।

 

 

विधायक ने कहा कि यदि यह जगह किसी उपयोगी कार्य में लाई जाती है, तो यह नीलोखेड़ी की जनता के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा। उन्होंने कहा कि शहर के बीचों बीच इतनी बड़ी और अच्छी स्थिति में पड़ी जगह का खाली रहना जनता के हित में नहीं है, इसलिए अब इसके उपयोग को लेकर जो भी योजना बनेगी, वह स्वागत योग्य होगी।