सारण में एक किसान की हत्या हुई है। मशरक थाना क्षेत्र की कर्ण कुदरिया नहर से बुधवार को शव बरामद हुआ। इसकी पहचान गुरुवार को पकड़ी नरोत्तमपुर गांव के सतीश सिंह उर्फ सुरेश सिंह (40) के रूप में हुई है। सतीश सिंह 4 अप्रैल से लापता थे। वह उस दिन खेत में गेहूं की कटाई करवा रहे थे। एक फोन कॉल के बाद सतजोड़ा बाजार जाने की बात कहकर निकले और फिर वापस नहीं लौटे।
परिजनों ने पानापुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बुधवार को मशरक थाना क्षेत्र में नहर के सायफन से एक बोरे में बंद शव मिला। शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत था। सड़े गले शव की पहचान मृतक के कपड़ों, बेल्ट और अन्य सामान से उनकी पहचान की गई। शव उनके घर से 8 किलोमीटर दूर मिला है। मृतक सतीश सिंह गांव में रहकर खेतीबाड़ी करते थे।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
मामले में एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि सतीश के लापता होने के बाद 5 और 6 अप्रैल को उनके बैंक खाते से लेनदेन हुआ। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण सतीश की जान नहीं बचाई जा सकी। परिजनों ने ये भी कहा कि पुलिस के लापरवाही के कारण ही ये अपहरण हुआ है।
मृतक की पत्नी की मौत पांच साल पहले हो चुकी था। उनके दो छोटे बच्चे हैं। पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। पुलिस अपराधियों की तलाश में जुटी है। हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन मामला साजिश का लग रहा है।
फोन आने पर घर से निकला था भाई
इस मामले में मृतक के बड़े भाई कामेश्वर सिंह ने कहा कि गेंहूं का कटनी हो रहा था। हम घर पहुंचे तो वो नहीं था। घर में पूछा कि वो कहां है तो पता चला कि किसी का फोन आया और वो कहीं चला गया है। 4 और 5 अप्रैल को हमने इंतजार किया कि वो कहीं गया होगा तो घर वापस चला आएगा। उसकी तलाश किए, जब कहीं पता नहीं चला तो 6 तारीख तो 3 बजे शाम में थाना में गए।
पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कोई इंटरेस्ट नहीं लिया। एसपी और डीएसपी को भी मोबाइल पर मैसेज भेज कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई। नहर के पास बोले में बॉडी मिला है। टी-शर्ट, पैंट और बेल्ट उसकी का था। हम लाश को पहचान लिए। मेरे भाई की हत्या हुई है।
