करनाल के एक युवक की सिंगापुर में संदिग्ध मौत हो गई. परिवार ने सरकार से शव को भारत लाने की गुहार लगाई है.
करनाल: करनाल के कैमला गांव के 24 वर्षीय युवक की सिंगापुर में मौत हो गई. युवक का शव समुद्र (मरीना बे) किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला. युवक मनीष करीब सात महीने पहले वर्क परमिट पर सिंगापुर गया था. परिवार ने कर्ज लेकर उसे वहां भेजा था. मनीष की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. अब परिवार शव को घर लाने के लिए मदद की गुहार लगा रहा है.
परिजनों ने की शव को भारत लाने की अपील : मृतक के परिवार में पिता भीम सिंह बुजुर्ग हैं और अब कोई काम नहीं करते. मनीष की मां सुमन गृहिणी हैं. मनीष की एक बहन और एक छोटा भाई भी है. लाखों रुपये का कर्ज लेकर मनीष को सिंगापुर के लिए वर्क परमिट दिलाया गया था. वहां उसकी नौकरी भी लग गई थी. फिलहाल परिवार पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, क्योंकि उसी के आधार पर मौत के कारणों का खुलासा होगा. परिजनों ने सरकार से मांग की है कि उनके बेटे की डेडबॉडी को देश लाने में मदद की जाए, ताकि उसे अपने गांव की मिट्टी नसीब हो सके.
करनाल के युवक की सिंगापुर में मौत
रविवार को परिवार को पैसे भेजने वाला था मनीष : मृतक के ताऊ रघुवीर ने बताया कि परिवार ने पैसे भेजने के लिए मनीष से बात की थी. मनीष ने कहा था कि वह रविवार को पैसे भेज देगा. इस बीच सोमवार को मनीष के साथ ही रहने वाले यमुनानगर के एक लड़के ने फोन कर बताया कि मनीष की डेडबॉडी समुद्र में तैरती हुई मिली है. मनीष को वहां किसने बुलाया, कैसे बुलाया, इसकी कोई जानकारी परिवार को नहीं है. मनीष अविवाहित था. सात महीने पहले परिवार ने कर्ज लेकर उसे सिंगापुर भेजा था. परिवार बहुत गरीब है. रघुवीर ने सरकार से अपील की है कि मनीष की डेडबॉडी को भारत लाने में मदद की जाए और परिवार के लिए रोजगार की व्यवस्था हो.
युवक की मौत के बाद शोक में परिजन (ईटीवी भारत)
मनीष परिवार में इकलौता कमाने वाला सदस्य : कैमला गांव के निवासी संदीप ने बताया कि मनीष की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम छा गया. मनीष परिवार का इकलौता कमाने वाला था. पूरा परिवार उसी पर निर्भर था. मनीष के पिता भी बीमार रहते हैं. परिवार ने जैसे-तैसे कर्ज लेकर मनीष को विदेश भेजा था. अब वे सरकार से अपील कर रहे हैं कि मनीष की डेडबॉडी को भारत लाया जाए, ताकि परिवार उसका अंतिम संस्कार कर सके.
