जाम की समस्या से शहर वासियों को कैसे मिलेगा निजात ?सवाल तों कई हें लेकिन जवाब देगा कौन ?वीआईपी गाड़ियों के लिये मनमर्जी और आम लोंगों के लिये कड़ा नियम ,वन वे व्यवस्था तों सबके लिये।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /गुड्डू राज
शहर में आये दिन जाम की समस्याएं बढ़ती ही जा रही है।ऐसा लगता हें कि वन वे व्यवस्था सड़कों पर लागू नहीं हें।एक तरफ सड़क का अतिक्रमण तों दूसरी तरफ उल्टे तरफ से आ रही कोई भी गाड़िया ,ना प्रशासन का डर ना ही यातायात पुलिस का भय।जहां से जब जिसे मन हो चल देता हें इस कारण शहर वासियों को जाम से गुजरना पड़ता हें।
एक तों ऑटो-टोटो वाले भी जहां-तहा गाड़ी खड़ी कर देते हें , यात्रियों को उतारने व चढ़ाने में बीच सड़क पर ऑटो खड़ी कर परेशानी बढ़ा देता है वहीं अतिक्रमण मुख्य कारण है। सड़क के किनारे अवैध पार्किंग और दुकान सजाए जाने के कारण परेशानी बढ़ी हुई है। स्कूल के खुलने पर इस गर्मी में जाम से लोगों को और परेशानी बढ़ जाती है। दिन के 11 बजे से साढ़े 12 बजे तक दोनार चौक से उत्तर जाम लगा रहता रहता हें।
ऐसा लगता हें कि शहर में कोई ट्रेफिक नियम ही नहीं हें ,पुलिस कहती हें अतिक्रमण हटाना मेरा काम नहीं ,नगर निगम के अधिकारी कहते हें बिना पुलिस के अतिक्रमण हटाना नगर निगम के बूते की बात नहीं।ऐसे में कैसे हटेगा सड़क से जाम।आखिर बिना नगर निगम के अनदेखी किये कैसे सड़कों पर चारों और ठेला लगता हें ?
सूत्र बताते हें कि यातायात पुलिस और नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी कैसे सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराए थे अब यही अधिकारी कर्मचारी सड़कों पर ढेला लगाने की अनुमति दे दिये हें और पूरे शहर में सड़क किनारे लगाए गये दुकानदारों से पैसा वसूल रहें हें और बंदरबांट की जा रही हें ,और सभी चुप्पी मारकर बैठे हुये हें,और यह वसूली चोरी छिपे की जाती हें जिसका कोई प्रमाण नहीं होता।
यातायात डीएसपी का अलग ही रोना हें कहते हें कि पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए जा चुके हें , दो दिनों के अन्दर व्यवस्था में सुधार के लिए ट्रैफिक थानाध्यक्ष और पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया गया हें अगर नियमों की अनदेखी कोई भी करेंगे तों उनपर पर कार्रवाई होगी।
