अगर -मगर -डगर पर चल रहें हें जिले के कई थाने ,वरीय पदाधिकारी को सूचना देना भी मुनासिब नहीं समझते हें थानाध्यक्ष ,कब तक चलेगा थानेदारों की मनमानी ,इसी लापरवाही में निलंबित हुये हें कुशेश्वरस्थान के थानाध्यक्ष , मोरों और यातायात थाना की लापरवाही चर्चा में।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय 

दरभंगा जिला के कई ऐसे पुलिस पदाधिकारी हें जो वरीय पुलिस पदाधिकारी को अनदेखा कर अपनी मनमानी करते हें,यहां तक कि किसी भी घटना -दुर्घटना के बाबत वरीय पुलिस अधिकारियों को जानकारी देना भी उचित नहीं समझते  हें ,जबकि ऐसे ही मामले के लापरवाही में  एसएसपी ने कुशेश्वरस्थान थाना के थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया हें।लेकिन इसके बाद दो थानाध्यक्षों का भी ऐसा ही मामला सामने आ रहा हें इसमें मोरों थानाध्यक्ष के अलावे यातायात थानाध्यक्ष भी शामिल हें जिन्होंने घटना को लेकर अपने वरीय पुलिस अधिकारियों को सूचना देना आवश्यक नहीं समझा,और इनपर अब तक कारवाई नहीं हुई हें,जो चर्चा का विषय बन गया हें ।

यहां बता दे कि पुलिस विभाग एक अनुशासनिक विभाग हें और वरीय पुलिस पदाधिकारियों को अनदेखी कर मनमर्जी करना लापरवाही के साथ साथ एक तरह का अपराध ही हें।

होली /होलिकादहन के दिन पटोरी गांव में की गई अपराधियों द्वारा हवाई फायरिंग के मामले में मोरों थानाध्यक्ष ने वरीय पदाधिकारी को सूचना नहीं देकर पूरे मामले पर ही पर्दा ढक दिया।मोरों थानाध्यक्ष कहती हें यह मामला उनके जानकारी में नहीं हें।

दरअसल किसी भी संगीन मामले को थानाध्यक्ष कैसे दिमागी कुराफात कर देते हें ?सवाल तों बनता ही हें।

इधर  यातायात थानाध्यक्ष एवं अनुसंधानक ने कांड संख्या 32/25के मामले में न्यायालय को कैसे गुमराह किया ,वहीं वरीय पुलिस पदाधिकारियों को इन बातों को सूचना देने से कैसे अनदेखा किया हें।
इस कांड के वादी ने थाना में दर्ज प्राथमिकी में स्पष्ट कहा हें कि पुलिस द्वारा पकड़े गये ट्रक (BR06GC-6992)के साथ ट्रक चालक समस्तीपुर जिला के रोसड़ा थाना अंतर्गत देवनपुर गांव निवासी स्व राम विलास यादव के पुत्र लालबाबू यादव हें,जिस प्राथमिकी में पुनि सह थानाध्यक्ष का हस्ताक्षर भी हें। यही नहीं जिस थाना यानि बहेड़ी एवं पतोंड़ थाना की पुलिस ने ट्रक समेत ट्रक चलाते चालक को पकड़ा था उसका नाम लालबाबू यादव ही था। जिसे बहेड़ी /पतौड़ की पुलिस ने यातायात थाने के सुपुर्द किया था। यातायात थाना की पुलिस ने भी ट्रक जब्त करते हुये चालक को थाने लाया लेकिन इसके बाद यातायात पुलिस ने पूरी पटकथा ही बदल डाली।
यहां बता देना जरूरी हें कि यह घटना 28/02/25को अनारकोठी के पास हुई थी जहां मोटरसाईकिल सवार बनारस सहनी को ट्रक (BR06GC6992)ने ठोकर मारी जिस कारण उसकी मौत हुई ,बहेड़ी /पतोंर थाना की पुलिस सूचना पर खदेड़कर ट्रक पकड़ी जिस ट्रक को लालबाबू यादव यादव चला रहा था। बहेड़ी पुलिस ने चालक समेत ट्रक को पकड़कर यातायात पुलिस के सुपुर्द किया। इस घटना के बाबत मृतक के परिजन ने यातायात पुलिस को आवेदन दिया। 24घंटे बीत जाने के बाद यातायात पुलिस ने 2मार्च 25को थाने में 32/25दर्ज किया। सूत्रों का कहना हें कि इस बीच चालक थाना पर था जिसके पास ड्राईविंग लाईसेंस नहीं था। सूत्र बताते हें कि इसी बीच ट्रक मालिक से भारी भरकम रुपये में डील हुई और चालक लालबाबू को पुलिस ने छोड़ दिया।इसके बाद न्यायालय द्वारा इस प्राथमिकी से संबंधित प्रतिवेदन की मांग की गई। यातायात थाना के परिपुअनि ने जो  प्रतिवेदन न्यायालय को  सौंपा वह चौंकाने वाला हें। न्यायालय में सौंपे प्रतिवेदन में उन्होंने कहा हें कि उक्त ट्रक को ग्रामीणों के सहयोग से पकड़ा गया ,उक्त प्रतिवेदन में पकड़ाये चालक लालबाबू ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य का चालक तजबुद्दिन ट्रक छोड़कर भाग गया और लालबाबू उप चालक के रूप में काम करता हें ।
जबकि ट्रक को बहेड़ी थाना पुलिस ने पकड़कर यातायात पुलिस को दिया था जिसे लालबाबू चला रहा था। न्यायालय को परिपुअनि द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में उनके अलावे यातायात थाना प्रभारी का भी अनुमोदन हें।
यातायात थानाध्यक्ष ने पूछने पर कहा था  कि पकड़ाया चालक वास्तव में खलासी हें।
अब जब बहेड़ी थानाध्यक्ष भी कह रहें हें कि पकड़ाया चालक लालबाबू ही था।  सवाल यही उठता हें कि यातायात थाना पुलिस की इस गैर जिम्मेदाराना हरकत का जिम्मेदार कौन हें ,न्यायालय को भी गुमराह किया और 24घंटे तक लालबाबू को हाजत में रखकर वरीय पुलिस अधिकारियों को सूचना देना भी मुनासिब नहीं समझा ।