चर्चित शराब तस्कर के सेंकड़ों गुर्गे ,दरभंगा और समस्तीपुर जिले में बोलती हें तूती ,हथियार से लैस होकर शराब तस्करी को देता हें अंजाम ,शराब की तस्करी निरंतर जारी ,मगर ढाई वर्षों में इसके विरुद्ध कोई प्राथमिकी नहीं ,यह पटकथा शोले फिल्म के गब्बर से कम नहीं ,अब कौन जय और वीरू बनकर आयेगा सामने ताकि इलाके के लोंगों को मिले शांति ॥

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय 

समस्तीपुर जिला के चकमेहसी थाना क्षेत्र के नीमा चकहैदर निवासी संजय चौधरी के पुत्र प्रभात चौधरी “शराब तस्करी “के मामले में विगत कई वर्षों से पारंगत हें और महारत हासिल कर लिया हें ,ना ही इसे पुलिस का डर हें ना ही जेल जाने का खौफ ,तभी तों शराब तस्करी में महारत कायम की हें।कभी पुलिस पकड़ने के लिये इसके चौखट पर दस्तक देती थी,और यह भागते रहता था ,इसी भागदौड़ के क्रम में कई बार जेल तों गया लेकिन जेल जाने और आने के क्रम में इसका पुलिसिया नेटवर्क काफी मजबूत हो गया और खुलेआम यह विदेशी शराब का तस्करी करने लगा। इसके एवज में पुलिस को भारी भरकम रुपया देने लगा ,इस कारण शराब तस्करी में ना कोई रोक ना कोई टोक।

वर्ष 2019 से लेकर 2025तक की बात करें तों 2022तक प्रभात के विरुद्ध कल्याणपुर ,चकमेहसी थाना में करीब एक दर्जन मामले दर्ज हुये ,जेल भी गया ,जमानत भी हुई ,इसमें चकमेहसी थाना के चौकीदार सुकुल पासवान को घेरकर मारपीट का मामला हो ,या फिर सुहाना प्रवीण के पुत्र के अपहरण का मामला हो ,या फिर कल्याणपुर थाना के कमल महतो का रंगदारी समेत अपहरण का मामला हो या फिर शराब से लदे ट्रक /पिकअप का मामला हो ऐसे कई मामले हें लेकिन मजेदार बात यह हें कि जितनी बार विदेशी शराब का गाड़ी पुलिस ने पकड़ा उसमें रॉयल स्टेक विस्की और इम्पेरियल ब्लू का ही अंग्रेजी शराब धराया।

सूत्रों पर अगर भरोसा कर इसके गुर्गे की बात की जाय तों चकमेहसी ,कल्याणपुर ,विशनपुर ,मोरों ,दरभंगा के शहरी इलाकों के अलावे मधुबनी जिला तक अंग्रेजी शराब के तस्करी का बड़ा नेटवर्क हें जिसमें तीन सो से अधिक इसके शागिर्द हें।जो हथियार से लैस होकर इस धंधे को अंजाम दे रहें हें इसमें चाहे जीतू राय ,अनिल कुमार ,मनीष कुमार ,सुमित कुमार ,जय प्रकाश उर्फ जेपी चौधरी ,गुलशन ,निप्पु ,रवि चौधरी ,बिल्लू ,मिठू राय ,अन्केस कुमार ,गुलाब राय ,चंदन राय ,सूरज कुमार ,भ्रमण दास ,मोहन कुमार ,हुल्का ,सोहन कुमार ,भोला ,रवि चौधरी ,नीलेश कुमार राय ,सोनू कुमार ,राजा ठाकुर ,विक्की कुमार ,सुधांशु कुमार आदि कई नाम हें जो कई वर्षों से प्रभात के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा हें और किसी ना किसी मामले में यह सभी आरोपी रह चुका  हें।

सूत्र बताते हें कि प्रभात का नेटवर्क दरभंगा में भी हें और दर्जनों गुर्गे इस काम में लगे हुये हें वहीं समस्तीपुर जिला से यह खुद को मोरों थाना क्षेत्र के  पटोरी और आसपास के इलाके को अपना ठिकाना बना लिया हें  और इसी इलाके से बड़े पैमाने पर इस धंधे को अंजाम दे रहा हें। सूत्र बताते हें कि यह धंधा पुलिस के देख रेख में पल रहा हें।सूत्र बताते हें कि  दो ढाई वर्षों से इस इलाके में धंधा जरूर फल फूल रहा हें लेकिन पुलिस की जद में इसका ट्रक नहीं आता हें ,वजह यह भी सूत्र बताते हें कि थानों में मासिक रकम तय हें और पुलिस के संरक्षण में धंधा फल फूल रहा हें इस कारण इसके किसी भी गाड़ी को ना ही पुलिस पकड़ी हें ना ही कोई प्राथमिकी दर्ज हुआ।

प्रभात का नाम गुम था लेकिन होली /होलिकादहन के दिन हवा में चली दर्जनों राउंड गोली में स्थानीय पुलिस की उदासीनता और इस पत्रकार के सजग होने का परिणाम हें कि प्रभात का नाम एक बार फिर सुर्खियों में लाया लेकिन उसकी दबंगई और वर्चस्व इतना कि इसे बताने के लिये एक भी ग्रामीण तैयार नहीं हें।बताया जाता हें कि कई दर्जन गाड़ियों से एवं हथियार से लैस इसके गुर्गे दबंगई दिखाते रहते हें लेकिन आवाज देने वाला कोई नहीं।इस आसपास के कई युवक पैसों की चाहत में इस धंधे से जुड़ गये हें और पूरे गांव का माहौल खराब हो गया हें।इस माहौल को कोई और नहीं सुधार सकता जब तक ग्रामीण इसका विरोध नहीं कर देते।प्रभात का दर्जनों घर में यहां दूर दराज का संबंध भी हें यह भी एक कारण हें कि लोग इसे स्पोर्ट भी करते हें और इसका आतंक का डर भी उतना ही हें ,क्या मजाल कि इसके खिलाफ कोई बोल दे।