कलश शोभायात्रा के साथ दरभंगा जिला के बिरौल, अलीनगर सहित कई जगहों पर चैती दुर्गा पूजा का हुआ शुभारंभ।
कलश शोभायात्रा के साथ दरभंगा जिला के बिरौल, अलीनगर सहित कई जगहों पर चैती दुर्गा पूजा का हुआ शुभारंभ।
कलश शोभायात्रा के साथ दरभंगा जिला के बिरौल, अलीनगर सहित कई जगहों पर चैती दुर्गा पूजा का हुआ शुभारंभ।
दस्तक7मिडिया, बिरौल/अलीनगर।
जिला के बिरौल, बेनीपुर अनुमंडल और आसपास के कई क्षेत्रों में चैती दुर्गा पूजा का शुभारंभ बड़े ही धूमधाम और भक्तिमय माहौल में हुआ। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन, श्रद्धालुओं ने पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ कलश शोभायात्रा निकाली।बिरौल के बर्रा और अलीनगर के नरमा गांव के मुख्य मार्गों पर सुबह से ही भक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मंगल गीत गाती हुईं और पुरुष भक्तिमय नारे लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। वहीं चैत्र नवरात्रि के मौके पर अलीनगर विधानसभा के नरमा गांव की रौनक कुछ खास ही होती है। पूरे जिले में नरमा के चैती दुर्गा पूजा की चर्चा होती है। इस बार भी धूमधाम और हर्षोल्लास के संग गांव में चैत्र नवरात्रि पूजन का शुभारंभ किया गया। रविवार को कलश यात्रा निकाली गई जिसमें 251 कुंवारी कन्याओं ने भाग लिया। बैंड बाजे की धुन और जय जगदंबे के जयकारे के संग कलश यात्रा निकाली गई। इस मौके पर भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह पप्पू सिंह भी उपस्थित रहे। संजय सिंह पप्पू सिंह ने कहा कि नरमा गांव में विगत 41 वर्षों से हर्षोल्लास के संग चैत्र नवरात्रि मनाया जाता है प्रतिवर्ष मेले को देखने के लिए दूर दराज के इलाकों के श्रद्धालु पहुंचते हैं।नवरात्रि के 9 दिन संपूर्ण भक्ति का माहौल बना रहता है।इस बार भी भक्ति में नवरात्र मनाया जाएगा। मुख्य पुजारी कर्नल बीके सिंह और आचार्य विकास वत्स के सान्निध्य में पूर्ण विधि विधान और वैदिक पद्धति से मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है।नरमा गांव में मां दुर्गा की कृपा से हजारों श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण हुए हैं।संजय सिंह पप्पू सिंह ने आज का यह दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा “हिन्दू नव वर्ष” विक्रम संवत् 2082, एवं “गुड़ी पड़वा” की भी बधाई दी।मौके पर पुरोहित प्रमोद झा,मेला समिति के अध्यक्ष दिनेश सिंह,विपिन सिंह, रामविलास मुखिया,गोविंद साहु,अमित सिंह,कुंदन सिंह,दीपक सिंह, बंटी सिंह,कैलाश मुखिया, पवित्तर पासवान,सोती सदा ,सोहन दास,ऋतिक मंडल, आदि गणमान्य ग्रामीण शामिल हुए।