बिहार के डीजीपी की पारखी नजर :अब थानों में नहीं आ सकेंगे” थाना के दलाल “,आगंतुक कक्ष में अब रहेगा आगंतुक पंजी , बिना कारण थाना पर आनेवाले व्यक्तियों पर हो सकती हें कारवाई ,थानाध्यक्ष भी नपेंगे और चलेगी विभागीय कारवाई।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय 

बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पुलिस के कार्यशैली को लेकर एक आदेश निर्गत किया हें ,अगर इस आदेश की कारवाई में कोई भी कोताही बरती गई तों कारवाई तय हें।
डीजीपी विनय कुमार ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा हें कि थाना पर बार बार कोई व्यक्ति आते हें जिनका उद्देश्य परिलक्षित नहीं होता हें,ऐसे व्यक्ति कथित रूप से थाना के दलाल बताए जाते हें। ऐसे लोंगों को थाना में बार बार आने जाने से पुलिस की छवि धूमिल होती हें। पुलिस प्रशासन की प्रभावकारिता पर इसका नाकारात्मक असर पड़ता हें।
पुलिस महानिदेशक ने अपने आदेशों में इसके अलावे इसी बहाने सीसीटीवी के प्रत्येक दिन अवलोकन का जिम्मा दे दिया हें जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि थाना पर कौन कौन आ रहें हें या फिर कोई गलत कार्य भी किया जा रहा हें।

इस बात को लेकर दस्तक 7मीडिया में खबर भी छपी थी कि थाने में कितने दलाल। यही नहीं इसके अलावे  दस्तक 7मीडिया ने यह भी लिखा था कि थाने में लगे सीसीटीवी का नहीं होता हें मॉनेटरिंग।

डीजीपी ने इन दोनों बिंदुओं को लेकर प्रदेश के सभी पुलिस पदाधिकारियों को पत्र लिखकर अब आदेश जारी कर दिया हें जिससे थाना के दलालों को अब थाना आने पर लगाम भी लगेगा और सीसीटीवी के अवलोकन के बाद पुलिस की कार्यशैली भी साफ सुथरा दिखाई पड़ेगी।

डीजीपी विनय कुमार ने कहा हें कि अब थाना के आगंतुक कक्ष में आगंतुक पंजी संधारित की जाय ताकि थाना में आने जाने वाले लोंगों का नाम -पता ,थाना में आने का उद्देश्य और मोबाईल नंबर के साथ पता अंकित किया जाय ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन व्यक्ति महीने में कितने बार थाना का भ्रमण किया हें। उन्होंने दिये आदेश में कहा हें कि आगंतुक पंजी का निरीक्षण अंचल निरीक्षक के अलावे जिला के सभी वरीय पुलिस पदाधिकारी करेंगे यही नहीं आगंतुक पंजी के साथ सीसीटीवी का अवलोकन कर दोनों का मिलान करेंगे ताकि स्पष्टता झलक सके। थाना के एक सअनि /अनि स्तर के पुलिस पदाधिकारियों को यह जिम्मा सौंपने की बात कहीं गयी हें और उसे नोडल पदाधिकारी के रूप में निमित करने की बात  हें,और ये नोडल पुलिस अधिकारी साप्ताहिक प्रतिवेदन थानाध्यक्ष को सौंपेंगे। रजिस्टर में बार बार थाना में आनेवाले व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त कर नोडल पदाधिकारी जिले के तमाम वरीय पुलिस अधिकारियों को प्रतिवेदन देकर ऐसे व्यक्तियों के ऊपर कानूनी कारवाई के लिये लिखेंगे। यही नहीं जिला के  वरीय पुलिस पदाधिकारियो को डीजीपी ने आदेशित किया हें कि थानाध्यक्षों के ऊपर संदेह हो तों तुरंत थानाध्यक्ष के पद से विमुक्त करते हुये विभागीय कारवाई करेंगे। पुलिस महानिदेशक के इस आदेश के बाद पुलिस विभाग के कई अधिकारी सकते में आ गये हें। कई आमजनों ने डीजीपी के इस आदेश की सराहना की हें और कहा हें कि थाना के दलालों से अब मुक्ति मिलेगी।