कुशेश्वरस्थान मंदिर परिसर अतिक्रमण मुक्त होने के बाद जल जमाव की समस्या दूर करने की कवायद शुरू।

दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता, दरभंगा।

कुशेश्वरस्थान (दरभंगा)। प्रसिद्ध कुशेश्वरस्थान मंदिर परिसर को हाल ही में अतिक्रमण से मुक्त कराने के बाद अब यहां वर्षों से बनी जल जमाव की समस्या को दूर करने की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है। अनुमंडल पदाधिकारी उमेश कुमार भारती के निर्देश पर नगर पंचायत कुशेश्वरस्थान हरकत में आ गई है और मंदिर परिसर के आसपास के नालों की व्यापक सफाई का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
लंबे समय से मंदिर परिसर और इसके आस-पास अतिक्रमण के कारण नालियां अवरुद्ध थीं, जिसके चलते बरसात के मौसम में और सामान्य दिनों में भी जल जमाव की समस्या बनी रहती थी। इससे न केवल श्रद्धालुओं को परेशानी होती थी, बल्कि मंदिर परिसर का वातावरण भी दूषित रहता था। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद, एसडीओ उमेश कुमार भारती ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नगर पंचायत को नालों की सफाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
एसडीओ के निर्देश के अनुपालन में नगर पंचायत कुशेश्वरस्थान की सफाई कर्मियों की टीम मंदिर परिसर पहुंची और नालों से गाद, कचरा और अन्य अवरोधों को हटाने का काम शुरू कर दिया। नगर पंचायत के कर्मियों ने बताया कि नालों में वर्षों से जमा गंदगी के कारण पानी का बहाव पूरी तरह से रुक गया था। सफाई कार्य पूरा होने के बाद उम्मीद है कि जल जमाव की समस्या से स्थायी रूप से निजात मिल जाएगी।इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर पंचायत के एक अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में मंदिर के चारों ओर के मुख्य नालों की सफाई की जा रही है। इसके बाद परिसर से जुड़े अन्य छोटे नालों को भी साफ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सफाई के बाद नालों की नियमित देखरेख की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या उत्पन्न न हो।
स्थानीय लोगों और मंदिर के पुजारियों ने इस पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटने के बाद अब नालों की सफाई से मंदिर परिसर स्वच्छ और सुंदर बनेगा, जिससे श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत होगी। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी और नगर पंचायत के इस प्रयास की सराहना की और उम्मीद जताई कि यह कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा।
गौरतलब है कि कुशेश्वरस्थान शिव मंदिर एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है और यहां साल भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। जल जमाव की समस्या के कारण श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब, अतिक्रमण मुक्ति और नाला सफाई के इस संयुक्त प्रयास से मंदिर परिसर का विकास और सौंदर्यीकरण होने की उम्मीद है। प्रशासन का यह कदम निश्चित रूप से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आएगा।