कैमूर के सभी सरकारी अस्पतालों में आज से ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद हो गई हैं। डॉक्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण लगभग 2000 मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ है। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से जारी हैं।
हड़ताल के कारण अस्पतालों में सन्नाटा पसरा हुआ है। मरीज और उनके परिजन अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन पर्ची काउंटर बंद होने के कारण वापस लौट रहे हैं। चांद थाना क्षेत्र के इचाव गांव के मनोज कुमार ने बताया कि उनके परिजन को चार दिनों से बुखार था, लेकिन हड़ताल के कारण इलाज नहीं हो पाया।
हड़ताल के कारण मरीजों को हो रही परेशानी
एक अन्य मरीज के परिजन शिव शंकर तिवारी ने बताया कि उनकी पत्नी चंपा देवी के गिरने से चोट लगी है। सदर अस्पताल भभुआ में हड़ताल के कारण उनका इलाज नहीं हो सका।
इमरजेंसी सेवाएं जारी
कैमूर के सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने स्पष्ट किया कि चिकित्सक संघ के आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इमरजेंसी सेवाएं पूर्ण रूप से जारी हैं। साथ ही चेतावनी दी कि अगर कोई निजी अस्पताल मरीजों का आर्थिक शोषण करेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
