मोरों थाना के पटोंरी गांव में होलिका दहन और होली के दिन चली ताबड़तोड़ गोलियां,विरोध करने वालों का दिन दहाड़े हो जाता हें अपहरण? लेकिन नहीं होता कानों कान खबर।ग्रामीणों ने कहा -थाने को नहीं हें ग्रामीणों से कोई मतलब।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /संजय कुमार राय 

मोरों थाना से सटे पटोरी गांव में होलिका दहन /होली के दिन अपराधियों ने करीब 35से चालीस राउंड गोलिया चलाई लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी जबकि पटोरी गांव से थाना की दूरी महज कुछ ही दूरी पर हें।यहां का पूरा इलाका एक कुख्यात अपराधियों/शराब माफियाओं  के चुंगल में हें जिसे समस्तीपुर की पुलिस खोज रही हें इसपर  हत्या जैसे गंभीर आरोप भी हें और न्यायालय से वारंट भी निर्गत हें  लेकिन यह अपराधी इलाके को अपना शरण स्थली बनाए हुआ हें  ,आराम से शराब तस्करी कर रहा हें और पुलिस की देख रेख में रह रहा हें।

बता देना जरूरी हें कि मोरों थाना क्षेत्र के आसपास का गांव अपराधियों के वर्चस्व का गढ़ बन गया हें ,यहां सिर्फ और सिर्फ अपराधियों की गोली बोलती हें जहां पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही होती हें । इस कारण ग्रामीणों में दहशत दहशत हें।ग्रामीणों में यह दहशत किसी शोले फिल्म के गब्बर से कम नहीं हें।

जी हम मोरों थाना के आसपास के गांव की बात कर रहें हें ,जहां दिन- रात शराब माफियाओं की तूती बोलती हें। ग्रामीण कहते हें कि मोरों समेत आसपास के तीन थानो  पर माफियाओं का कब्जा हें जहां हर महीना यें माफिया पैसा पहुंचाते हें और खुलेआम इस धंधे को अंजाम दे रहें हें।इन अपराधियों/शराब माफियाओं के कई गुर्गे हें जो अधिकांश बुल्लेट जैसी या अन्य कंपनियों के महंगी गाड़ियों पर विचरण कर शराब की डिलेवरी करते हें। ग्रामीण यह भी बताते हें कि दो तीन महीने में जब वरीय पदाधिकारियों का दबाव थाना पुलिस पर पड़ता हें तों यही तस्कर कहीं ना कहीं शराब छोड़कर पुलिस को खबर करता हें ,पुलिस शराब बरामद करती हें लेकिन लोग नहीं पकड़े जाते और यह सब एक सोची समझी साजिश के तहत होता हें। ग्रामीण कहते हें कि कभी कभी गुरकी बनाने वाले लोग विदेशी /देशी शराब के साथ भूल चूक में पकड़ा जाते हें पर मात्रा कम होती हें। ग्रामीण कहते हें कि यह शराब माफिया कोई छोटा मोटा सरगना नहीं हें ,ट्रक का ट्रक शराब उतरता हें और पूरे इलाके में होम डिलीवरी करने वाले के यहां पहुंचा देता हें और इसकी पूरी खबर स्थानीय पुलिस को रहती हें । इस माफिया का कारोबार ग्रामीण बताते हें कि मोरों ,विशनपुर ,कल्याणपुर एवं चक -मेहसी थाना क्षेत्रों में खुलेआम होता हें।लेकिन शराब की खेप मोरों थाना क्षेत्र से ही गुजरती हें।ग्रामीण बताते हें इस माफिया के एक तस्कर जय प्रकाश नामक व्यक्ति को पुलिस ने भूल चूक में पकड़ लिया तों उसके दरवाजे पर रखा दो ट्रेक्टर जबरन यें माफिया उठा ले गये थे इनकी इतनी ही दबंगई हें।

ग्रामीणों ने बताया कि होलिका दहन के दिन शराब माफियाओं के गुर्गे चार चक्का से कहीं जा रहें थे इस दौरान दो युवकों ने मट्टी फेंका जो गाड़ी के शीशे पर लग गई। फिर क्या था यें सभी बदमाश गाड़ी रोककर उतरे और दोनों युवकों को पिस्टल दिखाते हुये अपने साथ गाड़ी पर जबरन बैठाया और लेकर चला  गया ।यही नहीं दोनों युवकों को अपने ठिकाने पर ले गया ,उसे वहीं रखा और तुरंत  दस मोटरसाईकल और तीन  चार चक्का वाहन पर सवार होकर दर्जनों शराब माफिया पटोंरी गांव पहुंचा और मदन चौधरी के यहां पांच राउंड फायर किया और गाली गलौज देते हुये चला गया। ग्रामीण बताते हें कि इससे भी मन बदमाशों का नहीं भरा तों रात के दस बजे आकर मदन चौधरी के ही दरवाजे पर 35से ज्यादा राउंड फायरिंग किया और इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल हो गया।

दरअसल सूत्र बताते हें कि जो दो युवकों को गाड़ी पर बैठाकर बदमाश ले गया था  उसमें एक मदन चौधरी का पौत्र बताया जा रहा हें। इस घटना के बाद ग्रामीण एक जुट होकर उस बदमाश के गांव चखेदर गये जहां पंचायत हुई। पटोंरी गांव के लोंगों से बाउंड भरवाया गया और कहा गया कि इस मामले की शिकायत पुलिस से करोगे तों अंजाम बुरा होगा। ग्रामीण डर से इतने भयभीत हें कि कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं हें लेकिन नाम नहीं छापने के शर्त पर ग्रामीणों ने इस पत्रकार से आप बीती सुनाई।
यहां बता दे कि अगर मदन चौधरी के यहां गोली चली हें तों पुलिस को जानकारी अवश्य होगी ,अगर ग्रामीणों ने आवेदन नहीं दिया तों पुलिस को खुद के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करना चाहिये था लेकिन ग्रामीण कहते हें कि मोरों थाना की पुलिस को मोटा रकम मिलता हें तों कारवाई कौन करेगा।