दरभंगा :लनामिवि में कुछ छात्रों ने शुक्रवार को उप परीक्षा नियंत्रक (सामान्य पाठ्यक्रम) डॉ आनंद प्रकाश गुप्ता की पिटाई कर दी। छात्रों ने उनकी पिटाई उनके अपने कार्यालय कक्ष मे ही कर दी। घटना के समय विवि के कई कर्मियों के अलावा सुरक्षा गार्ड एवं छात्र छात्राओं के हुजूम से उनका कक्ष भरा हुआ था। बताया जाता है कि उस हुजूम मे कुछ उनके चहेते तथा सुरक्षा गार्ड भी उन्हें पिटने से नहीं बचा सके। मामले का विडियो कई सोशल साईट पर वायरल है।विडिओ मे उप परीक्षा नियंत्रक श्री गुप्ता और छात्रों के बीच हो रही झडप को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वैसे भी श्री गुप्ता का विवादों से गहरा नाता रहा है। हाल ही में साहित्य विभाग की कुछ छात्राओं ने श्री गुप्ता पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ साथ राजभवन पटना व महिला आयोग से भी की है।लड़कियों का आरोप शिक्षा जगत के लिए कलंक कहा जायेगा।
बताया जाता है कि शुक्रवार को उनकी पिटाई की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने समस्या बता रहे छात्रों को पहले अनापशनाप कह दिया। फिर स्वयं एवं अपने चहेते व सुरक्षा गार्ड के माध्यम से संबंधित छात्र को अपने चैंबर से बाहर करने का प्रयास करने लगे। जब उन सबों के प्रयास से छात्रों को बाहर करने मे वे सफल नहीं हो सके तो उप परीक्षा नियंत्रक स्वयं छात्रों की भीड से बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। इस पर समस्याओं से आक्रोशित छात्रों का हुजूम उन्हें पहले निकलने से रोकने का प्रयास किया। इस पर छात्रों और उप परीक्षा नियंत्रक के बीच अभद्र भाषा का जमकर उपयोग हुआ और गालीगलौज भी हुई। बात आगे बढती गई और मारपीट तक पंहुच गई। छात्रों का हुजूम जब उनकी पिटाई करने लगे तो वे भागकर किसी तरह सुरक्षा गार्ड व चहेते के सहयोग से बाहर निकल सके। वहां से उनके निकलने पर छात्र खदेड़ने लगे बाद मे उप परीक्षा नियंत्रक ने विवि के प्रशासनिक भवन मे जाकर अपनी जान बचाई । छात्रों का जत्था प्रशासनिक भवन के गेट के सामने उप परीक्षा नियंत्रक को बर्खास्त करो। उप परीक्षा नियंत्रक हाय हाय। उप परीक्षा नियंत्रक को बाहर भेजो। छात्रों की समस्याओं का निदान करो आदि नारेबाजी काफी देर तक छात्र करते रहे, लेकिन वे बाहर नहीं निकले। बाद मे कुलानुशासक डॉ अजय नाथ झा ने छात्रों की समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर उनके निदान के लिए विभिन्न कार्यालय जाने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लंबित रिजल्ट मे सुधार के लिये बार बार आवेदन देने के बावजूद नहीं हो पाता है। एक ही गलती की सुधार के लिए बार बार आवेदन मागां जाता है। बावजूद समस्या जस की तस रहती है।
जब तक गलती का सुधार नहीं होगा तब तक छात्रों को अंक पत्र नहीं मिलेगा और न ही उस अंक पत्र के आधार पर आगे का कोई काम हो सकेगा। इसी तरह डिग्री पार्ट वन के जिन छात्रों की परीक्षा कल या परसों से होने वाली है, उनमे से कुछ छात्रों को या तो प्रवेश पत्र मिला ही नहीं है अथवा जिन्हें मिल चुका है उसमें से कुछ छात्रों का प्रवेश पत्र त्रुटिपूर्ण है। इसे सुधार व प्रवेश पत्र जारी करने की समस्या को लेकर छात्र उप परीक्षा नियंत्रक के पास गये थे।
