­कहते हैं कि माँ बाप के साये  का असर बाल बच्चों पर भी पड़ता हैं ……….और शायद इसी का असर एक नाबालिग के साथ होता दिखाई दें रहा हैं।बाप  कुख्यात हैं तो बेटे ने नाबालिग रहते  अपराध का रास्ता चुन लिया और पढ़ाई के उम्र मे कैदी बन गया।जिन हाथों मे पुस्तक दिखाई पड़ना चाहिये था वह गोली चला रहा हैं।

तिल्केश्वर ओपी क्षेत्र के कराइन टोल निवासी एक  कुख्यात अपराधकर्मी के पुत्र को न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने बालगृह मे भेज दिया हैं। न्यायालय मे नाबालिग के उम्र को लेकर बहस के दौरान उसके वकील ने जो प्रमाण पत्र न्यायालय को सौंपा उसमें उसका उम्र 17साल आठ महीना था। इस कारण न्यायालय के आदेश पर उसे बाल गृह भेज दिया गया।उक्त नाबालिग पर दो मामले दर्ज थे जिसमें उसकी गिरफ्तारी हुई हैं। एक मामले मे हत्या का आरोप हैं वहीं दूसरा मामला आर्म्स एक्ट का हैं।
नाबालिग के पिता के विरुद्ध तिलकेश्वर /कुशेश्वरस्थान थाना मे आधा दर्जन से ज्यादा मामले हैं इसमें कुशेश्वरस्थान थाना कांड संख्या 175/18, 283/19, 79/19, 294/21,103/21,75/21आदि हैं वहीं भयंकर के विरुध इसी थाने मे 351/22एवं 154/23हैं।
स्थानीय पुलिस और एसटीएफ के संयुक्त कारवाई से लहेरियासराय थाना से नाबालिग को पकड़कर न्यायालय के सुपुर्द किया गया जहां बाल अपराधी सिद्ध होने पर बाल गृह भेज दिया गया।