हजारीबाग जिले के बरही स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र इन दिनों अगर ,मगर और डगर के सहारे चल रहा हैं ?इस केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी प्रकाश सिंह ज्ञानी के कुछ अलग ही रुतबे हैं ,इस कारण सरकार की सारी नियम इनके आगे बौने पर जाते हैं। इनकी बार बार पोस्टिंग बरही स्वास्थ्य केन्द्र में कर दी जाती हैं।
दरअसल बरही स्थित अनुमंडलीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी डॉ॰ प्रकाश ज्ञानी अपने तरीके से स्वास्थ्य केन्द्र को चलाने में माहिर रहें हैं, अगर इनकी मर्जी के आगे कोई नहीं झुके तो उसे झुकाकर रखने में इन्हें महारथ हासिल हैं।
वजह साफ हैं कि अपनी ऊंची पैठ और ऊंची पेरबी के वजह से कारण करीब दो दशक से यहां जमे हैं और यहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी हैं। बरही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और उसके अधीनस्थ चल रहें अस्पतालों में डयूटी बजा रहें चिकित्सक अगर इनके हिसाब से नहीं चलते तो उस डाक्टर का बेंड बजना तय हो जाता हैं ?इनकी मर्जी से चिकित्सक अनुपस्थित रह सकते हैं और उनकी हाजिरी भी बन जाएगी ?भले ही डॉक्टर की गलती हो अथवा नहीं,मर्जी इनकी चलेगी?उपस्थित चिकित्सक को भी अनुपस्थित कर देंगे।बताया जा रहा हैं कि कई चिकित्सक रोस्टर के हिसाब से अस्पताल तक नहीं आते फिर इनकी हाजरी नहीं काटी जाती और हाजिरी बन बन भी जाती हैं।
दरअसल इन दिनों पद्मा स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थापित डॉ॰ नेन्सी प्रिया के साथ कुछ अलग ही हो रहा हैं,डयूटी पर तैनात रहने के बावजूद भी उन्हें अनुपस्थित बताया जाता हैं ।मुहर्रम के दिन भी वह डयूटी पर तैनात थी ,लेकिन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के कहने पर सिविल सर्जन ने डॉ॰ नेन्सी प्रिया के एक दिन के वेतन के कटौती की बात कह दी हैं उन्होंने कहा हैं कि मुहर्रम के दिन आपकी अनुपस्थिति को लेकर वेतन काट लिया जायगा। जब्कि एसडीएम ने मुहर्रम के दिन डॉ॰ नेन्सी को फोन कर कुछ जानकारी की मांग की थी और कुछ निर्देश दिये थे । इस आलोक में डॉ॰ नेन्सी ने एसडीएम के ग्रुप में अपना लोकेशन शेयर किया , इस लोकेशन में पद्मा अस्पताल के कई स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद हैं। ऐसी परिस्थिति में सिविल सर्जन का यह कहना कि आप अनुपस्थित हैं और आपका एक दिन का वेतन काट लिया जायगा ,कहां से उचित हैं।इस बाबत स्थानीय कुछ लोंगों से बात हुई तो लोंगों का कहना हैं कि पद्मा केन्द्र की प्रभारी मेरी मार्टन लकड़ा हैं ,वह स्वास्थ्य केन्द्र पर आती नहीं हैं और जब भी आती हैं तो हाजिरी बनाकर चली जाती हैं। डॉ॰ प्रकाश ज्ञानी कहते हैं डॉ॰ श्री मति लकड़ा को अभी प्रशिक्षण में
भेजा गया हैं ,बाहरी केंद्रों के निरीक्षण में दिया गया हैं। जब्कि स्थानीय लोग कुछ और ही बातें कहते हैं। खैर पद्मा स्वास्थ्य केन्द्र के आसपास के लोग कहते हैं कि जबसे डॉ॰ नेन्सी प्रिया इस केन्द्र में आई हैं प्रत्येक दिन वह आती हैं। लोग तो कहते हैं कि डॉ॰ नेन्सी से पहले यहां कोई चिकित्सक आते भी नही थे ?कभी कभार दिखाई पड़ते थे।
स्थानीय लोंगों का कहना हैं कि जब से पद्मा स्वास्थ्य केन्द्र में डॉ॰ नेन्सी प्रिया की उपस्थिति दर्ज हुई हैं तब से इस अस्पताल में काफी सुधार हुआ हैं। लोग बताते हैं कि पद्मा से मरीज को देखने के बाद कई छोटे उपकेंद्रों पर या कस्तूरबा गांधी स्कूलों पर भी जाकर वहां निरीक्षण करती हैं ,बीमार बच्चे से पूछताछ कर उसका इलाज भी करती हैं जो शायद किसी डॉक्टर ने अब तक नहीं किया। यही नहीं अपना लोकेशन प्रशासनिक पदाधिकारियों के व्हाट्स ऐप पर शेयर करती हैं। यह बातें प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को नागवार गुजरता हैं और उसका कोपभाजन डॉ॰ नेन्सी बन जाती हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि जहां तक उपस्थिति की बात हैं तो एक दर्जन से भी ज्यादा चिकित्सक बरही स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थापित हैं जो रोस्टर का पालन नहीं करते हैं यहां तक कि शुक्रवार को होने वाली साप्ताहिक बैठक में भी नहीं आते लेकिन उनपर कारवाई नहीं होती जब्कि हर सप्ताह डॉ॰ नेन्सी मौजूद रहती हैं।सूत्रों का कहना हैं कि डॉ॰ नेन्सी प्रिया मरीज को देखने के बाद खाना खाने पद्मा चौक पर जाती हैं तो इसी बीच पत्रकार स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंच भी जाते हैं और फोटो खींचकर चले भी जाते हैं और खबर भी निकल जाती हैं लेकिन डॉ॰ नेन्सी से उनका पक्ष नहीं लिया जाता हैं।ऐसे में सवाल उठना लाजमी हैं ?कुछ स्वास्थ्यकर्मी दबे जुबान में कहते हैं कि इससे पूर्व कई पत्रकार लगातार अनुपस्थित रहें चिकित्सकों से कुछ मासिक नजराना लेते थे ,जो नहीं देते थे उनके विरुद्ध खबर छप जाती थी ?इस व्यवस्था को डॉ॰ नेन्सी प्रिया ने अपनी उपस्थिति से तोड़ दिया हैं।इस बाबत प्रभारी चिकित्सा प्रभारी डॉ॰ ज्ञानी  से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका फोन out of range बताया।