शिवहर जिले के एक सरकारी जमीन पर बने कमरे में एक व्यक्ति ने कपड़े की निजी दुकान खोल रखी है। प्रशासन को इसकी कोई जानकारी नहीं है। यह मामला सार्वजनिक हो जाने के बाद प्रशासन अब सजग हो गया है और अतिक्रमण हटाने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है ।

 

यह बिहार है भाई, यहां कुछ भी संभव है! सरकारी भवन में खोल ली कपड़े की निजी दुकान जिस विभाग की जमीन उसे कोई पता ही नहीं!

 

शिवहर: कहा जाता है कि बिहार में कुछ भी संभव है। यह बात बहुत हद तक सच है।

 

 

दरअसल, एक पर एक मामले सामने आते रहते हैं, जो सुनने में असंभव प्रतीत होता है, लेकिन धरातल पर वह सच में होता है। कुछ इसी तरह का एक मामला शिवहर जिला का है। वहां सरकारी जमीन पर बने सरकारी कमरे में एक व्यक्ति ने कपड़े की निजी दुकान खोल रखा है। हद तो यह कि इसकी जानकारी न तो संबंधित विभाग को है और न स्थानीय प्रशासन को। खबर मिलने के बाद प्रशासन उक्त दुकान को हटाने के प्रति गंभीर हुआ है।

 

 

सरकारी जमीन का निजी उपयोग जमीन और मकान सरकार की है, लेकिन उपयोग हो रहा है व्यावसायिक, वह भी बोर्ड लगाकर। यह मामला है शिवहर जिले के पुरनहिया प्रखंड अंतर्गत पुरनहिया पिपराही पथ के सोनौल-सुल्तान का। सोनौल सुल्तान हाईस्कूल के पास वर्षों पूर्व अलग-अलग फंड से दो कमरों वाला यात्री शेड बनाया गया था, लेकिन आज यहां एक कमरे पर कब्जा कर दुकान चलाई जा रही है। बताया गया है कि एक कमरे का निर्माण विधायक फंड से और दूसरे कमरे का निर्माण जिला परिषद द्वारा कराया गया था। आठ-आठ लाख की लागत दोनों कमरों का निर्माण हुआ था।

 

 

इसमें जिला परिषद फंड से निर्मित कमरे में यात्री शेड चल रहा है, पर विधायक फंड से निर्मित दूसरे कमरे पर दबंग ने कब्जा जमा लिया है और वहां कपड़े की दुकान खोल रखी है। प्रशासन को कोई खबर नहीं हैरत की बात यह कि प्रशासन की इस पर नजर तक नहीं है। स्थानीय लोगों की माने तो उक्त यात्री शेड में दुकान का संचालन करने से लोगों को परेशानी होती है। भीषण गर्मी और बारिश के दौरान जब लोग बस पड़कने आते हैं तो यात्रियों की संख्या अधिक रहने से लोगों को शेड के बाहर रहने की मजबूरी होती है। यात्री शेड का निर्माण लगभग छह-सात साल पहले कराया गया था।

 

दो साल से एक कमरे में कपड़े की दुकान चल रही है। लोग बताते हैं कि दुकानदार की दबंगई के चलते लोग मुंह नहीं खोल रहे हैं। क्या कह रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी जिप अध्यक्ष विजय कुमार सिंह उर्फ छोटा विजय ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है। जिला प्रशासन को अविलंब कमरे को अतिक्रमण से मुक्त कराना चाहिए। साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

यात्री शेड का निर्माण जिस मकसद से कराया गया है, उसका लाभ आमजन को मिलना चाहिए। इधर, पुरनहिया बीडीओ बलवंत कुमार पांडेय ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। अब मामला संज्ञान में आया है, तो इसकी जांच कराते हुए संबंधित के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यात्री शेड को मुक्त कराया जाएगा।