पटना हाइकोर्ट ने वर्ष 2018 के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए खगड़िया के एसपी को व्यक्तिगत हलफ़नामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है.

 

कोर्ट के समक्ष वर्तमान अनुसन्धानकर्ता ने  बताया कि घटना के समय कोई अन्य अनुसन्धानकर्ता थे । इसलिए घटना के संबंध मे कोई जानकारी नही है। जिसके बाद कोर्ट ने एसपी, खगड़िया को आदेश दिया कि इस कांड के संबंध में व्यक्तिगत हलफ़नामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करें।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद ने बताया कि ये मामला वर्ष 2018 का है। वादी के घर पर जब सत्यनारायण भगवान की  पूजा हो रही थी, तो किसी ने पुलिस को गलत सूचना दे दी कि वादी के घर उनके ही लाइसेंसी रायफल से हवाई फायरिंग किया जा रहा है।

 

इसपर पुलिस  वादी के घर पहुंची और घटना की जानकारी ली,लेकिन घटना की पुष्टि नही हो पाई। पुलिस ने परिवार में एक पूर्व सांसद होने के कारण कुछ प्रतिद्वंद्वी के राजनीतिक दबाव में आकर पुलिस ने वादी के भतीजा को गिरफ्तार कर थाना लेकर चली गयी।

उन्होंने बताया कि  प्रभात यादव, जिनका रायफल था, उनको पुलिस ने रायफल सहित थाना पर बुलाया और रायफल को फॉरेंसिक लैब भेज गया, ताकि पुष्टि हो जाये कि रायफल से गोली चला है या नहीं।  पुलिस ने लगभग 1 महीना बाद जब्त लाइसेंसी रायफल को फॉरेंसिक लैब भेजा जिसके कारण लगभग 3 महीना लाइसेंसी रायफल वादी के पास से दूर रहा।

इस मामलें पर अगली सुनवाई 3 सप्ताह बाद की जाएगी।