आय से अधिक सम्पत्ति वाले शिक्षा माफिया और डाक्टरों की जगह जेल है नीतीश बाबू: नजरे आलम

लोकतंत्र के बुनियादी सोतून शिक्षा,स्वास्थ्य और सुरक्षा में सुपर फ्लॉप है सुशासन की सरकार: बेदारी कारवाँ

दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /

नीतीश कुमार के सुशासन में दो विभाग में सबसे अधिक लूट हैं जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य हैं। और यह लूट खसोट अबसे अधिक दरभंगा जिला में देखने को मिल रहा है। प्राइवेट हॉस्पीटल के मालिक और डाक्टर मानो वर्ल्ड बैंक खोल रखा है। खासकर तीन चार ऐसे हाॅसपीटल और डाक्टर हैं, जो लूट के पैसे से हर महिने दो से तीन बीघा जमीन खरीद रहा है। अगर सरकार स्वास्थ्य विभाग और सरकारी हॉस्पिटल को सही कर दे ,तो जनता को बहूत राहत महसूस होगी । सरकार को चाहिए कि ऐसी  सभी माफियाओं की न सिर्फ सम्पति जब्त करे बल्कि हॉस्पीटल  को भी सील करे ताकि आम जनता का चूसा जा रहा खून बच सके। वहीं, शिक्षा की बात की जाए तो अभी हाल ही में एक डीईओ के यहां से करोड़ों रुपए नगद के रूप में जब्त किया गया है। उसके बाद भी सुशासन बाबू जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं। पूरे बिहार में रिश्वत के मामले में दरभंगा जिला शिक्षा पदाधिकारी टाॅप में नजर आ रहा है। इंटर की परीक्षा में एक एक सेंटर पर 200-400 शिक्षकों को पैसा लेकर प्रतिनियुक्त कर दिया,जिसका उदाहरण कल दरभंगा जिलाधिकारी के संज्ञान लेते ही डीईओ को चिठ्ठी निकालकर शिक्षकों को अपने अपने स्कूल जाने का आदेश देना पड़ा। अब सवाल ये उठता है के इतने बड़े फर्जीवाड़े पर विभाग और सरकार कहां मोन रहती है। शिक्षा विभाग के सिनियर अधिकारी कारवाई करने की जगह रिश्वत की मोटी रकम में भागीदार बनकर न सिर्फ सुशासन के मुंह पर तमाचा मार रहे हैं बल्कि सरकार जीरो टॉलरेंस को भी ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। उक्त बातें ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के द्वारा बिहार सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा के सरकार जनता के हित की जगह जनता का खून चूसने का काम कर रही है। शिक्षा पदाधिकारी और निजि हाॅसपीटल के मालिक जनता के पैसा को बाप का माल समझकर लुट की दुकान चला रहे हैं। अगर राज्य सरकार दोनों विभाग में हो रही डकैती पर काबू नहीं कर सकती तो सत्ता में रहने का भी अधिकार नहीं है। जनता भी सारा हिसाब किताब 2025 में बराबर करने की तैयारी में है। अंत में नजरे आलम ने पूरे बिहार के साथ साथ खासकर दरभंगा जिलाधिकारी से मांग करते हुए कहा के एकबार दरभंगा जिला शिक्षा कार्यालय,करमगंज जायें और वहां के निचले स्टाफ से लेकर डीईओ,डीपीओ तक के लूट की दुकान को खुद से देखें और आवश्यक कार्रवाई करें।