घरौंडा में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी।
हरियाणा में करनाल जिले के घरौंडा में बिजली कर्मचारियों ने आज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया। जिसके चलते घरौंडा बिजली बोर्ड में भी बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर किया गया।
प्रदेशभर में गेट मीटिंग कर जताया विरोध
चंडीगढ़ बिजली विभाग और यूपी के आगरा व वाराणसी डिस्कॉम को निजी हाथों में सौंपने के फैसले के खिलाफ आज पूरे देश में आंदोलन किया गया। हरियाणा के बिजली कर्मचारियों की ड्यूटी चंडीगढ़ में लगाने और ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम के विरोध में ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन ने प्रदेशभर में गेट मीटिंग कर विरोध जताया। इससे पहले भी 6 दिसंबर, 19 दिसंबर, 25 दिसंबर और 31 दिसंबर को इसी मुद्दे पर प्रदर्शन हो चुके हैं।
यूनियन ने सरकार को दी चेतावनी
घरौंडा में हुए विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता सिटी सब यूनिट के प्रधान जयकुमार ने की, जबकि संचालन सबअर्बन सब यूनिट के प्रधान सही राम ने किया। इस दौरान राज्य कमेटी के सदस्य रमेश कुमार, यूनिट नंबर 2 के सचिव दिनेश शर्मा और पूर्व सर्कल सचिव मुकेश जांगड़ा समेत कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
नेताओं ने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर यह निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज होगा। यूनियन नेताओं ने कहा कि यह फैसला बिजली कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है और सरकार को इसे तत्काल रद्द करना चाहिए।
आगे की रणनीति
यूनियन नेताओं ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर में बिजली कर्मचारी और उग्र आंदोलन करेंगे। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि निजीकरण से न केवल कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय होगा, बल्कि आम जनता पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यूनियन ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द यह फैसला वापस लिया जाए, नहीं तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।
