ईमानदारी से कर्त्तव्यों का पालन ही देशभक्ति : कुलपति,
कहा : संस्कृतज्ञों से समाज की ज्यादा अपेक्षाएं,
किया आह्वान : आइए! हमसभी संकल्पित होत विश्वविद्यालय, समाज व देश को दें सही दिशा,
76वे गणतंत्र दिवस पर संस्कृत विश्वविद्यालय में शान से फहराया तिरंगा।
दस्तक 7 मीडिया ,दरभंगा।
76वे गणतंत्र दिवस पर रविवार को संस्कृत विश्वविद्यालय मुख्यालय में तिरंगा फहराने के बाद कुलपति प्रो0 लक्ष्मी निवास पांडेय ने उपस्थित सभी कर्मियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सच्चे अर्थों में पूर्ण ईमानदारी के साथ परिश्रम व लगन से कर्तव्यों का पालन ही सबसे बड़ी देश भक्ति है। हम जहां हैं, जिस रूप में हैं , वहीं इस आदर्शों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन कर सकते हैं। हमें यह याद रखनी है कि लम्बी कुर्बानियों से करीब नब्बे सालों के संग्राम के बाद हमें आजादी मिली है, देश स्वतंत्र हुआ है।इसके बाद ही हमसभी गणतंत्र राज्य के रूप में व्यवस्थित हो पाए हैं।
इसी क्रम में उन्होंने कहा कि देश की सीमा पर डटे सैनिकों के पीछे हमसभी देशवासियों को बंदूक लेकर खड़ा होने की जरूरत नही है बल्कि जिस देश की रक्षा के लिए वे दिन रात तैनात रहते हैं उस देश का विकास अगर हमसभी मिलकर करते रहेंगे, सैनिकों के परिजनों को उनकी समस्याओं से मुक्त रखेंगे , उन्हें सुरक्षित रखेंगे तभी उनकी मुस्तैदी का एवम कुर्बानियों का सही महत्व होगा।
उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ निशिकान्त ने बताया कि कुलपति के सम्बोधन का मुख्य लब्बोलुआब यह था कि विकसित भारत के लिए सामूहिक एकजुटता व अखंडता के साथ व्यक्तिगत कर्तव्यों का संजीदगी से पालन बेहद जरूरी है और इसके लिए खासकर संस्कृतज्ञों को आगे आने की जरूरत है।
कुलपति ने कहा कि संस्कृत के क्षेत्र में जो सर्वोत्तम
उत्कृष्टता है , हमें विश्वविद्यालय को उसी ओर बढ़ना होगा। समाज को संस्कृतज्ञों से बहुत अधिक अपेक्षाएं हैं। स्वाभाविक है कि ऐसे में उनका दायित्व और बढ़ जाता है। इसलिए भारतीय संस्कृति को सर्वोच्च शिखर तक ले जाने के लिए हमें कार्य करना होगा। समाज को अनेकता में एकता, अखंडता की विशेषता बताना होगा। आज के गणतंत्र दिवस पर संस्कृतज्ञों से आहवान करते हैं कि सभी संस्कृत विश्वविद्यालय, आस पास के समाज व देश को सही दिशा दें। इसके पूर्व उन्होंने महाराजाधिराज डॉ सर कामेश्वर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सभी स्वतंत्रता सेनानियों व सैनिकों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की एवं सभी को गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं व बधाइयां भी दी। मौके पर कुलसचिव प्रो0 ब्रजेशपति त्रिपाठी ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। झंडोत्तोलन के समय विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।
इसके बाद मुख्यालय स्थित विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ कार्यालय में कुलसचिव प्रो0 त्रिपाठी एवं संघ के अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार झा ने झंडोत्तोलन किया। अपने सम्बोधन में कुलसचिव ने देश व महान सपूतों की गौरवगाथा को याद करते हुए सभी से अधिकार व कर्तव्यों का सम्यक रूप से पालन करने की अपील की। डॉ झा ने भी सभी से ईमानदारी से कर्तव्य पालन की अपेक्षा की। मौके पर सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
वहीं याज्ञवल्क्य छात्रावास में भी प्रॉक्टर प्रो0 पुरेन्द्र वरिक ने तिरंगा फहराया। मौके पर प्रो0 दिलीप कुमार झा, प्रो0 दयानाथ झा, डॉ यदुवीर स्वरूप शास्त्री, डॉ साधना शर्मा, डॉ रामसेवक झा, डॉ शंभूशरण तिवारी, डॉ रीतेश कुमार चतुर्वेदी, समेत सभी शिक्षक व छात्र उपस्थित थे।
