दलित की पिटाई के मामले में जांच करने  डीएमसीएच केम्पस अब तक नहीं पहुंचे हैं सदर एसडीपीओ ,सीसीटीवी फुटेज में नहीं मिलेगा मारपीट का कोई सबूत :मब्बी थानाध्यक्ष ?

दरभंगा /संजय कुमार राय 

दलित के पिटाई के मामले में एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने जांच का जिम्मा सदर एसडीपीओ को दे दिया हैं लेकिन डीएमसीएच में इलाजरत पीड़ित से कोई भी पुलिस पदाधिकारी ब्यान लेने नहीं पहुंचे हैं। इस मामले में कई ऐसे प्रश्न हैं जो जांच को प्रभावित कर सकते हैं ?
अगर दलित की वास्तव में पिटाई की गई हैं ,तो यह गंभीर मामला हैं ?अगर पिटाई नहीं की गई हैं तब तो कोई बात ही नहीं हैं।
लेकिन अगर पिटाई नहीं की गई हैं तो आंख में लगी चोट से कराह रहा कोई पीड़ित मब्बी थानाध्यक्ष या वहां तैनात कर्मियों का ही नाम क्यू लेगा ?क्या इस पीड़ित राहगीर को मब्बी थानाध्यक्ष या अन्य कर्मियों से कोई दुश्मनी हैं ?
मब्बी थानाध्यक्ष साफ शब्दों में कह रहें हैं कि वे शांत प्रिय व्यक्ति हैं और मारपीट करने में विश्वास नहीं रखते। उन्होंने कहा कि कोई मारपीट नहीं की गई हैं आप सीसीटीवी के फुटेज को देख सकते हैं या जांच करा सकते हैं।
जिले के सभी थाना में सीसीटीवी लगा हैं और यह बात सभी कर्मी /पदाधिकारी यहां तक कि आम्लोन्गो को पता हैं। अब ऐसे में क्या कोई पुलिसकर्मी किसी को भी कैमरा के सामने क्या पिटाई करेंगे ?जाहिर सी बात हैं नहीं ?
आम लोंगों के बीच चर्चा हैं कि थाना पुलिस किसी भी काम के लिये घुस लेती हैं ?क्या थाना प्रभारी कैमरे के सामने घुस लेंगे ?सवाल ही नहीं उठता।

थानाध्यक्ष कहते हैं कि इसमें राजनीतिक साजिश हैं। अब सवाल यही हैं कि कोई थानाध्यक्ष नौकरी में रहते  राजनीति तो करते नहीं फिर कोई राजनीति क्यू करेगा।
हाँ एक बात वह यह भी कहें हैं कि हो सकता हैं कि किसी सिपाही ने उसे मारा होगा ,अगर सिपाही ने ही मारा तो जवाबदेही किसकी बनती हैं ?
कई ऐसे सवालो के जवाब हैं जिससे मुकरना भी मुश्किल बातें हैं ?इतना तो तय हैं कि मोटरसाइकिल पर सवार दोनों युवकों को कोई ना कोई पुलिसकर्मी बेरहमी से पीटा हैं और इस कारण उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा हैं। दोनों मबबी थाना क्षेत्र का ही रहने वाला हैं।
डीएमसीएच में भर्ती रहने के कारण उसने एसएसपी कार्यालय में इस बाबत कोई आवेदन नहीं दिया हैं,नियमतः बेता थानाध्यक्ष को फर्द बयांन लेना चाहिये ,लेकिन एक थानाध्यक्ष का मामला हैं ,पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ हैं ऐसे में बेता थानाध्यक्ष कैसे पीड़ित का बयांन लेगा?
हालांकि चर्चा हैं और पीड़ित के परिजन भी कह रहें हैं कि  मब्बी थाना अध्यक्ष के कई चाहने वाले इस प्रकरण के बाद पीड़ित से मिलें हैं और समझौता करने के लिये दबाव बना रहें हैं। यह सारी बातें पीड़ित मोटरसाइकिल चालक मिथुन कुमार बता रहैं  हैं यही नहीं उसके साथ मोटरसाइकिल पर सवार पंकज महतो भी यही आरोप लगा रहा हैं?

जब्कि वास्तविकता हैं कि पंकज को कम चोटें आई हैं और मिथुन के आंख और सिर में काफी चोटें हैं।मिथुन का इलाज डीएमसीएच में चल रहा हैं।