बिरौल के सुपौल बाजार रॉयल एनफील्ड पार्ट सेंटर से एक बाल श्रमिक को कराया गया मुक्त। श्रम अधीक्षक के नेतृत्व में आयी टीम ने चलाया जांच अभियान।
बिरौल के सुपौल बाजार रॉयल एनफील्ड पार्ट सेंटर से एक बाल श्रमिक को कराया गया मुक्त। श्रम अधीक्षक के नेतृत्व में आयी टीम ने चलाया जांच अभियान।
बिरौल के सुपौल बाजार रॉयल एनफील्ड पार्ट सेंटर से एक बाल श्रमिक को कराया गया मुक्त। श्रम अधीक्षक के नेतृत्व में आयी टीम ने चलाया जांच अभियान।
बिरौल/दरभंगा
श्रम अधीक्षक किशोर कुमार झा के नेतृत्व में मंगलवार को बिरौल प्रखंड के विभिन्न दुकानों में धाबा दल की टीम सघन जांच अभियान चलाया।
इस दौरान धाबा दल की टीम ने रॉयल एनफील्ड सर्विस सेंटर से एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया। मुक्त कराये गए बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित कराने के बाद उन्हें बाल गृह में रखा गया है।बाल एवं श्रम किशोर प्रतिषेध एवं बनी अमन विनियमन अधिनियम 1986 के तहत नियोजन के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिक की दर्ज करने की कार्रवाई की गई।
श्रम अधीक्षक किशोर कुमार झा ने बताया कि बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठानों में बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन1986 के अंतर्गत गैरकानूनी है। तथा बाल श्रमिकों से गैर कानूनी काम करवाने वालों को 20000 से 50000 तक का जुर्माना और 2 वर्ष का करवास का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि राशि को जमा नहीं करने वाले के विरुद्ध एक सर्टिफिकेट केश या नीलाम पत्र बाद अलग से जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024/25 दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों धाबा दलों की ओर से अब तक साथ बाल श्रमिकों को मुक्त कराकर उनका पुनर्वासन लगातार किया जा रहा है।
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