मद्य निषेध विभाग के कर्मियों ने न्यायालय को भी कर दिया गुमराह ,जब्त नमक के बोरे की चर्चा तक नहीं ?महज चंद नाजायज रुपये कमाने के चक्कर में कर दी हैं बड़ी गलती ?
मद्य निषेध विभाग के कर्मियों ने न्यायालय को भी कर दिया गुमराह ,जब्त नमक के बोरे की चर्चा तक नहीं ?महज चंद नाजायज रुपये कमाने के चक्कर में कर दी हैं बड़ी गलती ?
मद्य निषेध विभाग के कर्मियों ने न्यायालय को भी कर दिया गुमराह ,जब्त नमक के बोरे की चर्चा तक नहीं ?महज चंद नाजायज रुपये कमाने के चक्कर में कर दी हैं बड़ी गलती ?
दरभंगा /संजय कुमार राय
दरभंगा जिला अंतर्गत मद्य निषेध विभाग के टीम की गलत मंसूबे की चर्चा चारों तरफ होने लगी हैं ?चर्चा यह भी हैं कि नमक के बोरे के साथ जब्त शराब के मामले में अनुसंधानक ने न्यायालय को भी गुमराह कर दिया हैं।न्यायालय को दिये पत्र में गाड़ियों की जब्ती समेत शराब की चर्चा तो की गई हैं लेकिन जब्त नमक के बोरे की चर्चा को छुपा लिया गया हैं।
निरीक्षक मद्य निषेध सह अनुसंधानकर्ता प्रकाश कुमार राम द्वारा 16जुलाई को 12चक्का ट्रक से बरामद किये गये शराब को लेकर विशेष न्यायाधीश सह जिला सत्र न्यायाधीश को जो पत्र18जुलाई 24को लिखकर सूचना दिया गया हैं उसमें नमक के जब्त होने की सूचना नहीं हैं ,हाँ संलग्न प्राथमिकी के कॉपी में खराब बोरे की नमक के पीछे शराब के बोतल की बरामदगी जरूर लिखी गई हैं।
अनुसंधानकर्ता ने विशेष न्यायाधीश सह जिला सत्र न्यायाधीश को पत्र अग्रसारित करते हुये निवेदन करते हुये सूचना दिया हैं कि 18जुलाई को फेकला थाना क्षेत्र के छपरार गांव से जब्त अवैध विदेशी शराब 3767.685लीटर को लेकर बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016और संशोधन अधिनियम 2022की धारा 30(a) के अंतर्गत मद्य निषेध थाना सदर दरभंगा में अभियोग दर्ज किया गया हैं। अनुसंधानकर्ता ने कहा हैं कि श्री मान के समक्ष प्राथमिकी की मूल प्रति के साथ तालाशी सूची की मूल प्रति अग्रसारित की जा रही हैं।
अनुसंधानकर्ता ने अग्रसारित पत्र में दो फरार अभियुक्त पवन यादव और सुरेश दास को फरार बताया हैं वहीं जब्ती सूची में उजला रंग का पीक अप (BR30G-4233),टाटा ट्रक 12चक्का -RJ37GA-2072एवं मारुति सुजुकी स्विफ्ट डीजाइर कार (BR30-3905)की चर्चा की गई हैं लेकिन ट्रक पर कितने बोरे नमक को जब्त किया गया हैं इसकी जानकारी ना ही दर्ज प्राथमिकी में हैं ना ही न्यायालय को जानकारी में दी गई हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता हैं कि अपनी जेब भरने के चक्कर में इन पुलिस कर्मियों ने न्यायालय को भी गुमराह कर दिया।
आखिर क्या कारण रहा कि प्राथमिकी में नमक के बोरे की की बरामदगी को नहीं दर्शाया गया,कि नमक की बोरियां भी भारी मात्रा में बरामद हुई हैं।
आप पुलिस लिखा इस स्कार्पियो(BR01PG-6267) को देखिये कैसे नमक लदा हुआ हैं ,इस स्कार्पियो पर नमक लादने का क्या मतलव ?इस स्कार्पियो पर पुलिस लिखा हुआ हैं। ऐसा लगता हैं कि मद्य निषेध विभाग ने इस स्कार्पियो को भाड़े पर रखा हैं। इस मामले में नमक के चोरी के प्रयास को लेकर पीक अप ,स्कार्पियो को जब्त करते हुये विभाग के सभी कर्मियों पर जो इस घटना में शामिल थे, सभी पर प्राथमिकी दर्ज करना चाहिये ? गाड़ी समेत इस प्रकरण में शामिल सभी कर्मी को आरोपित करना चाहिये फिर इन सभी को इस गलत कार्य के प्रयास में निलंबन एवं विभागीय कारवाई करना चाहिये क्यूंकि नियम यही कहता हैं।
अब इस पीक -अप को देखिये ,12चक्का ट्रक से इस पीक अप पर नमक लादने का क्या मतलब ?
अब इन लोंगों को देखिये ,नमक के बोरे को लूटकर जा रहें हैं ?बारह चक्का ट्रक से पीक अप पर चोरी छिपे नमक को लादने के कारण ऐसी घटना घटी ?मद्य निषेध के कर्मियों को 12चक्का ट्रक से नमक को सरकारी गोदाम में रखना चाहिये था ,पीक अप और स्कार्पियो पर नहीं ?
इस मामले में यह कहा जा सकता हैं कि नमक के साथ जिस वक्त शराब की गाड़ी को पकड़ा गया था उसी वक्त इन कर्मियों ने मन बना लिया था कि शराब के बरामदगी की जब्ती सूची बनाएंगे और नमक के सभी बोरे को बेचकर उससे प्राप्त रुपये को बांट लेंगे और यही हुआ भी लेकिन पत्रकारों की टीम ने एन मौके पर पीक अप गाड़ी और स्कार्पियो को रोक लिया और मद्य निषेध विभाग के टीम के इस मंसूबे पर पानी फेर दिया।
अब जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि मद्य निषेध विभाग के कौन कौन से ऐसे कर्मी हैं जो इस खेल को खेलकर पूरे महकमे पर दाग लगाना चाह रहें थे?