केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि जब 2015 में उनकी पार्टी (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) अलग हुई, तो नीतीश ने संदेह जताया कि वह बिना किसी फंड के पार्टी कैसे चलाएंगे। बहुत तेजी से चल रही है पार्टी केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि अब उनकी पार्टी न केवल काम कर रही है, बल्कि बहुत तेजी से चल रही है। मांझी ने कहा, “मैं नीतीश कुमार जी को धन्यवाद देना चाहता हूं, जब हम 2001 में अलग हुए और पार्टी बनाई, तो उन्होंने संदेह जताया- ‘जीतन मांझी से पार्टी चलेगी? न पैसा है न कुछ’। वह पार्टी कैसे चलाएंगे? आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमारी पार्टी न केवल काम कर रही है, बल्कि बहुत तेजी से चल रही है। और आप लोग इसके पीछे हैं, इसलिए मैं आपको भी बधाई देता हूं।” अलग पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा का गठन किया 2015 में बिहार में राजनीतिक संकट के दौरान जीतन राम मांझी ने 18 अन्य लोगों के साथ जनता दल (यूनाइटेड) से नाता तोड़ लिया और अपनी अलग पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा का गठन किया। मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में हम केंद्र और बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है। पार्टी के मुखिया जीतन राम मांझी प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट में मंत्री हैं। इससे पहले बिहार में पुल ढहने की घटनाओं को लेकर विपक्ष द्वारा नीतीश कुमार पर किए गए हमले के बीच मांझी ने नीतीश का बचाव करते हुए कहा था कि असामान्य रूप से भारी मानसूनी बारिश ही इन घटनाओं का मुख्य कारण है। मांझी ने संवाददाताओं से कहा, “यह मानसून का समय है। असामान्य रूप से भारी बारिश हुई है, जो पुलों के ढहने का कारण है। लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री जांच के प्रति बहुत संवेदनशील हैं।” पिछले महीने जून में राज्य भर में अररिया, सीवान, पूर्वी चंपारण, किशनगंज और मधुबनी जिलों में पांच पुल ढह गए थे। इस श्रृंखला की पहली घटना 18 जून को अररिया में पुल ढहने की थी।