अनुसूचित जाति /जनजाति अधिनियम के मारपीट के एक मामले में न्यायालय ने ठहराया चार लोंगों को दोषी ,लेकिन प्रथम दोष रहने के कारण न्यायालय ने कर दिया मुक्त।
अनुसूचित जाति /जनजाति अधिनियम के मारपीट के एक मामले में न्यायालय ने ठहराया चार लोंगों को दोषी ,लेकिन प्रथम दोष रहने के कारण न्यायालय ने कर दिया मुक्त।
अनुसूचित जाति /जनजाति अधिनियम के मारपीट के एक मामले में न्यायालय ने ठहराया चार लोंगों को दोषी ,लेकिन प्रथम दोष रहने के कारण न्यायालय ने कर दिया मुक्त।
दरभंगा/विधि संवाददाता,
दरभंगा न्याय मंडल के अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार की कोर्ट ने गुरुवार को बिरौल थानाक्षेत्र के पड़री गांव निवासी मोती साहु कमलेश साहु मिथिलेश साहु हीरा साहु को मारपीट करने के आरोप भारतीय दण्ड विधान संहिता की धारा 323में दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी चारों अभियुक्त को प्रथम दोष रहने की वजह से कानूनी लाभ देते हुए मुक्त किया। स्पेशल पीपी संजीव कुमार कुंवर ने बताया कि अभियोजन पक्ष की गवाही से 323 भादवि प्रमाणित हुई।साहो गांव के अशर्फी दास ने वर्ष 2016 में चारों अभियुक्त के बिरुद्ध बिरौल थाना में प्राथमिक दर्ज कराया था। इसी मामले का बिचारण एस सी एस टी जी आर 61 /2016 के तहत की गई। वहीं चारों अभियुक्त को 323 भादवि में दोषी करार दिया गया।