अगर आप किसी भी ट्रेन के फर्स्ट क्लास बोगी में सफर कर रहें हे तो हो जाएं सावधान ,इस केबिन में सवार व्यक्ति भी हो सकता हे चोर ?

अवध आसाम एक्सप्रेस के फर्स्ट क्लास में यात्रा कर रही माँ -बेटी के ट्रॉली से दस लाख रुपये गहने की हुई चोरी ,चार दिन बीत जानें के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं ?

दरभंगा /संजय कुमार राय

अवध आसाम एक्सप्रेस ट्रेन गाड़ी नंबर 15909से 12जुलाई को समस्तीपुर से दिल्ली जा रही प्रथम श्रेणी में सवार यात्री के बेग से करीब दस लाख रुपये के गहने की चोरी हो जानें का मामला प्रकाश में आया हे। इस मामले के चार दिन बीत जानें के बाद भी किसी थाने में प्राथमिकी तक दर्ज नहीं हुई हे। इस घटना से पीड़ित माँ -बेटी ने पुरानी दिल्ली के रेलवे स्टेशन के जीआरपी थाने में इस बाबत लिखित शिकायत की हे लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई हे। पीड़ित माँ- बेटी को शक हे कि उनके बैग से  सामने की सीट पर सवार दो व्यक्ति उनके ट्रॉली को खोलकर पर्स निकाल लिया हे और चलते बना हे। मामला ट्रेन के फर्स्ट क्लास बोगी में घटी हे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कटिहार जीआरपी में इंस्पेक्टर पद पर तैनात असगर इमाम के पत्नी और बेटी के साथ यह चोरी की घटना घटी हे। दरअसल इंस्पेक्टर असगर इमाम की 25वर्षीय पुत्री और पत्नी शादी के छेका को लेकर दिल्ली जा रही थी,यही नहीं उनकी पुत्री एमेजॉन कंपनी के बड़े पद पर काबिज हे।

12जुलाई 24को अवध आसाम एक्सप्रेस ट्रेन (गाड़ी नंबर 15909)के फर्स्ट क्लास बोगी में समस्तीपुर से  दिल्ली जानें का  रिजर्वेशन था। HR1C बोगी में सीट नंबर 7और 8नंबर सीट कन्फर्म था। 12जुलाई की शाम करीब साढे पांच बजे शाम में अवध एक्सप्रेस ट्रेन में माँ बेटी सवार हुई और अपने केबिन में जाकर बैठ गई। ट्रेन दिल्ली के लिये रवाना हुई जो 13जुलाई के साढ़े पांच बजे दिल्ली पहुंच गई।रास्ते में दो बार माँ बेटी एक साथ बाथरूम के लिये निकली थी इसी बीच उसके ट्रॉली से पर्स निकल गया।

घर जाकर जब ट्रॉली खोलने का प्रयास किया तो ट्रॉली नहीं खुला। दरअसल ट्रॉली 000से लॉक था जो नंबर बदला हुआ था। अंत में ट्रॉली के ताला को तोड़कर देखा तो उसमें पर्स गायब था जिसमें करीब नो से दस लाख का सोने का जेवरात था।
इस बाबत माँ और बेटी मरियम फातिमा पुरानी दिल्ली के जीआरपी थाने शिकायत दर्ज कराने पहुंची। जीआरपी थानाध्यक्ष ने थाने पर चार घंटे बैठाया इस दौरान कई बार प्राथमिकी का मज़बुन बदलबाया गया लेकिन इसके बाद भी थानाध्यक्ष ब्रज मोहन सिंह ने प्राथमिकी दर्ज नहीं किया। दोनों माँ बेटी का कहना हे कि समस्तीपुर से दिल्ली जानें के क्रम में एक साथ दो बार बाथरूम के लिये निकली थी इसी बीच सामने के सीट पर बैठा यात्री ने उसका पर्स ट्रॉली से गायब कर दिया जिसमें नो -दस लाख के सोने हे। या फिर जब दोनों सौ गई उस वक्त उसके ट्रॉली से पर्स गायब कर दिया।
किसी भी ट्रेन के फर्स्ट क्लास केबिन में बाहर के लोंगों का जाना आना नहीं होता हे और केबिन में चार सीट होते हे। दो सीट पर माँ बेटी थी और दो सीट पर अन्य दो लोग थे जिनका सीट नंबर 9एवं 10था और इन दोनों का नाम क्रमशः उस्मान गनी और ज़ुबैर आलम था जो एक 25वर्ष तो दूसरा तकरीबन 40साल का था। इन्हीं दोनों के नाम से फर्स्ट क्लास के केबिन का सीट रिजर्व था। माँ बेटी को शक नहीं पूरा विश्वास हे कि जब फर्स्ट क्लास के केबिन में कोई आया नहीं तो उनके ट्रॉली से पर्स कैसे गायब हो गया ?इसी दोनों ने चोरी के इस घटना को अंजाम दिया हे।अगर बाहर से कोई चोर आता तो ट्रॉली तोड़कर चोरी करता और एक केबिन में माँ बेटी के अलावे यही दो लोग थे।

मजेदार बात यह हे कि उक्त पीड़ित के पति या पिता जीआरपी के इंस्पेक्टर हे और उन्होंने भी पुरानी दिल्ली स्थित थानाध्यक्ष ब्रज मोहन सिंह एवं रेल के डीसीपी के पी एस मल्होत्रा को घटना के बाबत जानकारी देते हुये प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाया  यही नहीं उन्होंने समस्तीपुर के जीआरपी प्रभारी से इस बाबत शिकायत की ,कई आलाधिकारियों को भी इस मामले में जानकारी दी गई  लेकिन अभी तक कहीं भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई हे। इसे लेकर परिवार के अलावे खुद जीआरपी में तैनात इंस्पेक्टर पेशों -पेश में हे कि इस मामले में उन्हें कैसे न्याय मिलेगा ?